पंजाब के माल, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि राज्य में बाढ़ के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और प्रभावित परिवार अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। अब पूरे राज्य में केवल 13 राहत कैंप सक्रिय हैं, जिनमें ज़िल्हा गुरदासपुर में 10 बाढ़ प्रभावित लोग ठहरे हुए हैं।
राहत कैंपों की स्थिति
मंत्री के अनुसार, पहले पूरे राज्य में 219 राहत कैंप खोले गए थे। एक दिन पहले तक 25 कैंप सक्रिय थे, जिसमें 163 लोग रह रहे थे। फाजिल्का और जलंधर जिलों के कैंपों में कल तक क्रमशः 50 और 103 लोग ठहरे थे, लेकिन आज इन सभी लोगों ने अपने घर लौटने का निर्णय लिया।
प्रभावित लोगों की सुरक्षा
सरकार के व्यापक प्रयासों के चलते 1 अगस्त से अब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से कुल 23,340 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इससे प्रभावित लोगों को तात्कालिक सुरक्षा और मदद मिल सकी।
बाढ़ का पैमाना और नुकसान
मारू बाढ़ ने पंजाब के 22 जिलों और 2,555 गांवों को प्रभावित किया। इस कारण 3,89,445 लोग प्रभावित हुए। 1 अगस्त से अब तक बाढ़ के कारण 57 लोगों की जान गई और 4 लोग लापता हैं।
कृषि और जमीन पर नुकसान
राज्य में 1,99,926.2 हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि नुकसान के चलते किसानों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है।
सरकार के प्रयास और आगे की योजना
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों को पुनर्वास और आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है। राहत कैंपों में रहने वाले लोगों को मेडिकल और भोजन की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार की योजना है कि जल्द से जल्द सभी प्रभावित परिवार अपने घर सुरक्षित लौट सकें।
