पंजाब में मॉनसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सुबह से ही राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और दोपहर तक तेज बारिश शुरू हो सकती। चंडीगढ़, लुधियाना और अमृतसर सहित कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
चंडीगढ़ और आसपास का मौसम
राजधानी चंडीगढ़ में सुबह तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहा। बादल छाए रहने के कारण उमस भरा माहौल बना रहा। दोपहर होते-होते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने यहाँ यलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर खुले स्थानों में बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए सावधानी बरतने को कहा गया है।
लुधियाना और अमृतसर में हालात
लुधियाना में आज सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दोपहर तक तेज बारिश हुई। सड़कों पर पानी भरने से यातायात धीमा पड़ गया। वहीं अमृतसर में भी लगातार बारिश से परेशानी बढ़ी है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद तो है, लेकिन अधिक वर्षा से फसल को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।
बाढ़ की आशंका
पंजाब के पूर्वी जिलों—जैसे पठानकोट, अमृतसर और गुरदासपुर—में बाढ़ की आशंका जताई गई है। पहले से ही नदी और नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
सरकार और समाज की पहल
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुँचाने के आदेश दिए हैं। अमृतसर जिले में हजारों खाने के पैकेट, पानी की बोतलें और जानवरों के लिए चारा भेजा गया है। प्रशासन ने कई जगहों पर राहत शिविर भी खोले हैं ताकि प्रभावित लोगों को अस्थायी ठिकाना मिल सके।
सियासी स्तर पर भी मदद का सिलसिला जारी है। आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया और सांसद निधि से सहायता देने का ऐलान किया। वहीं, पर्यावरण कार्यकर्ता बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि सैकड़ों गाँव, लाखों किसानों की फसल और कई स्कूल इस आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
लोगों से अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
पंजाब में मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह से बारिश के पक्ष में है। यह बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में मुसीबत का कारण बना है। आने वाले दिनों में हालात कैसे बदलेंगे, यह आसमान से बरसती बूंदों पर निर्भर करेगा। फिलहाल जरूरत है सतर्क रहने और एक-दूसरे की मदद करने की।
