अमृतसर में 12वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में चिंता का माहौल बन गया। परिजनों का आरोप है कि छात्रा को स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस को लेकर लगातार मानसिक रूप से परेशान और अपमानित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस मानसिक दबाव के कारण छात्रा ने यह कठोर कदम उठाया। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्री ने दी बड़ी जानकारी
पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि नाबालिग को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रशासन पर भी होगी कार्रवाई
सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में स्कूल प्रशासन की लापरवाही या प्रताड़ना की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक छात्रा के परिवार का कहना है कि फीस बकाया होने के कारण छात्रा को बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार का आरोप है कि इस व्यवहार ने छात्रा को गहरे तनाव में डाल दिया था। पुलिस अब सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
सरकार ने न्याय का दिया भरोसा
मान सरकार ने कहा है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
