Arvind Kejriwal ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि साल 2014 से अब तक देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे 6 करोड़ से ज्यादा युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक की घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं।
BJP शासित राज्यों पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे ज्यादा पेपर लीक उन्हीं राज्यों में हुए हैं, जहां BJP की “डबल इंजन सरकार” है। उन्होंने राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ संयोग है या इसके पीछे कोई बड़ी लापरवाही है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
युवाओं से की सीधी अपील
AAP प्रमुख ने देश के Gen-Z युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अगर नेपाल और बांग्लादेश के युवा अपनी सरकारें बदल सकते हैं, तो भारत के युवा भी पेपर लीक करवाने वालों को जेल भेजने की ताकत रखते हैं। उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
सोशल मीडिया पर तेज हुई चर्चा
केजरीवाल के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई युवा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि विपक्षी दल भी लगातार पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार को घेर रहे हैं।
