ईरान में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत वरिष्ठ धर्मगुरु Alireza Arafi को देश का अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति Islamic Students News Agency (ISNA) की रिपोर्ट के बाद सामने आई। हाल ही में हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत की खबर ने पूरे देश को हिला दिया है।
अंतरिम परिषद संभालेगी जिम्मेदारी
ईरान के संविधान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर के पद खाली होने की स्थिति में एक अंतरिम नेतृत्व परिषद देश की कमान संभालती है। अलीरेजा अराफी को इस परिषद में विधि विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह परिषद संक्रमण काल में सभी संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाएगी, जब तक कि नए स्थायी सुप्रीम लीडर का चयन नहीं हो जाता।
परिषद में कौन-कौन शामिल?
संविधान के अनुसार इस अंतरिम परिषद में देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, मुख्य न्यायाधीश Gholam-Hossein Mohseni-Ejei और गार्जियन काउंसिल का एक वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल होते हैं। Guardian Council ईरान की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है, जो कानूनों और चुनावी प्रक्रियाओं की निगरानी करती है। अब यह पूरी टीम मिलकर देश में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश करेगी।
1989 से था खामेनेई का प्रभाव
86 वर्षीय अली खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। तीन दशकों से अधिक समय तक उन्होंने देश की विदेश नीति, रक्षा और धार्मिक मामलों में निर्णायक भूमिका निभाई। हालिया सैन्य हमले में कई सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, रक्षा मंत्री अमीर नसेरजादेह और कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर से जुड़े स्थान भी हमले की चपेट में आए।
