पंजाब में नशे के खिलाफ चलाया जा रहा ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान अब असर दिखाने लगा है। भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने इस समस्या पर सख्त रुख अपनाया है और लगातार कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार केवल नशा तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सजा दिलाने पर भी खास ध्यान दे रही है। यही वजह है कि पंजाब इस मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
नशे से जुड़े मामलों में सजा की दर भी काफी ऊंची दर्ज की गई है। NDPS मामलों में करीब 89% तक सजा दर पहुंच चुकी है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा मानी जा रही है। यह आंकड़ा दिखाता है कि पुलिस और प्रशासन मिलकर मजबूत केस तैयार कर रहे हैं।
सरकार की ‘जीरो-टॉलरेंस’ नीति अब जमीन पर साफ नजर आ रही है। लगातार छापेमारी, जांच और कानूनी कार्रवाई से नशे के कारोबार पर दबाव बढ़ा है और इसके खिलाफ माहौल भी सख्त हुआ है।
