हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सोमवार तड़के (20 अक्टूबर) एक बड़ा विमान हादसा हो गया। एमिरेट्स एयरलाइन का बोइंग 747 कार्गो विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा और रनवे से फिसलकर सीधे समुद्र में जा गिरा। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि विमान में सवार चारों क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया है।
कैसे हुआ हादसा
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह दुर्घटना सुबह करीब 3:50 बजे हुई, जब हवाईअड्डे के आसपास तेज हवाएं और खराब मौसम बना हुआ था। लैंडिंग के दौरान विमान की टक्कर रनवे पर मौजूद एक पेट्रोलिंग वाहन से हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन समुद्र में जा गिरा और विमान भी रनवे पार करते हुए पानी में समा गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही सेकंड में जोरदार धमाका हुआ और विमान का पिछला हिस्सा टूट गया। बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा और पानी में फंसे क्रू को बाहर निकाला।
90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर थी लैंडिंग
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, विमान की रफ्तार लैंडिंग के वक्त करीब 49 नॉट यानी लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटा थी। AirNavRadar द्वारा जारी तस्वीरों में विमान का पिछला हिस्सा पूरी तरह गायब दिखाई दे रहा है, जबकि बाकी हिस्सा आधा पानी में डूबा हुआ है।
पुराना विमान, दुबई से उड़ान भरी थी
यह बोइंग 747 विमान करीब 32 साल पुराना था और तुर्की की मालवाहक कंपनी AirACT एमिरेट्स के लिए इसे संचालित कर रही थी। विमान ने दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और इसमें कोई यात्री नहीं था, केवल चार क्रू सदस्य सवार थे।
रनवे बंद, जांच शुरू
हादसे के तुरंत बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। फायर ब्रिगेड और कोस्ट गार्ड की टीमों ने पानी में फंसे लोगों को बाहर निकाला। सुरक्षा कारणों से हवाईअड्डे की उत्तरी रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
27 साल में सबसे बड़ा हादसा
विशेषज्ञों के मुताबिक, हांगकांग एयरपोर्ट के 27 साल के इतिहास में यह सबसे गंभीर दुर्घटनाओं में से एक है। इससे पहले 1999 में चाइना एयरलाइंस का विमान टाइफून के दौरान पलट गया था, जिसमें तीन लोगों की जान गई थी।
ब्लैक बॉक्स मिला, कारणों की जांच जारी
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। अब तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि आखिर टक्कर और नियंत्रण खोने की असली वजह क्या थी। एमिरेट्स और AirACT दोनों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
यह हादसा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाईअड्डों में से एक पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
