पंजाब के जलंधर जिले में पावरकाम ने बिजली चोरी और दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया। उत्तरी ज़ोन के मुख्य इंजीनियर देसराज बंगड़ के निर्देश पर यह मुहिम सरकुलर स्तर पर सभी डिवीज़नों में शुरू की गई। अभियान के तहत 1,535 से अधिक बिजली कनेक्शनों का निरीक्षण किया गया और 14 उपभोक्ताओं पर कुल ₹4.16 लाख का जुर्माना लगाया गया। बिजली चोरी के मामलों को लेकर संबंधित केस चोरी विरोधी पुलिस स्टेशन को भेजे गए, ताकि एफआईआर दर्ज कर कानून के तहत कार्रवाई की जा सके।
घरेलू और व्यावसायिक बिजली उपयोग पर निगरानी
डिप्टी चीफ इंजीनियर और सरकिल हेड गुलशल चुटानी के निर्देशन में विभिन्न टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में एसडीओ, जेई, लाइनमैन और फील्ड स्टाफ शामिल थे। प्रत्येक टीम को कम से कम 50 कनेक्शनों की जांच करने का आदेश दिया गया। अभियान के दौरान पावरकाम ने विशेष रूप से उन हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी की, जहां बिजली चोरी के अधिक मामले सामने आते हैं।
ओवरलोडिंग और दुरुपयोग पर भी कार्रवाई
जांच में यह पाया गया कि कई उपभोक्ता घरेलू बिजली का व्यापारिक उपयोग कर रहे थे। इसके साथ ही, ओवरलोडिंग और अत्यधिक बिजली उपयोग के 8 मामले भी सामने आए। कुल निरीक्षण में 6 सीधे बिजली चोरी के मामले पाए गए, जिन पर ₹3.93 लाख का जुर्माना लगाया गया।
कैंट डिवीज़न में सबसे अधिक जुर्माना
कैंट डिवीज़न के कार्यकारी इंजीनियर अवतार सिंह की निगरानी में 220 कनेक्शनों का निरीक्षण किया गया। इस डिवीज़न में 8 मामलों में ₹3.25 लाख का जुर्माना लगाया गया, जो पांच डिवीज़नों में सबसे अधिक था। अन्य डिवीज़नों ने भी 200 से अधिक कनेक्शनों का निरीक्षण किया और उपयुक्त कार्रवाई की।
पावरकाम का उद्देश्य
पावरकाम का उद्देश्य न केवल बिजली चोरी को रोकना है, बल्कि उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित बिजली उपयोग को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिजली चोरी और ओवरलोडिंग पर लगातार नजर रखी जाएगी और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
