पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: निजी स्कूल फीस पर लगाम, औद्योगिक विकास को बढ़ावा
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann की अध्यक्षता में पंजाब कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोगों की सुविधा, शिक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने इन निर्णयों को राज्य के विकास और आम लोगों को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर नियंत्रण
बैठक में सबसे अहम फैसला निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी को लेकर लिया गया। कैबिनेट ने एक नए अध्यादेश को मंजूरी दी है, जिसके तहत निजी स्कूल अब सालाना फीस में अधिकतम 5 प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकेंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस फैसले से स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी और अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बदलाव
राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से पूंजी सब्सिडी नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और पंजाब में औद्योगिक विकास की रफ्तार तेज होगी। नए नियमों के जरिए निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
डेटा संग्रह के लिए SDIP प्लेटफॉर्म लागू
कैबिनेट ने विभिन्न सरकारी विभागों के आंकड़ों को एकत्रित और व्यवस्थित करने के लिए SDIP प्लेटफॉर्म लागू करने का भी फैसला लिया है। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और नीतियां बनाने में सटीक आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
दसूहा और फगवाड़ा में प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार
लोगों की समस्याओं को कम करने और प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए दसूहा (होशियारपुर) और फगवाड़ा (कपूरथला) में अतिरिक्त प्रशासनिक व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इसके तहत दसूहा में एडीसी (जनरल) के नए पद के सृजन को हरी झंडी दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय लोगों को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में अधिक सुविधा मिलेगी और प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी।
