19 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबारी सत्र के अंत में BSE सेंसेक्स 2,497.15 अंक यानी करीब 3.26% गिरकर 74,207.24 के स्तर पर बंद हुआ।
यह गिरावट हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
निफ्टी भी 23,000 के करीब पहुंचा
सेंसेक्स के साथ-साथ NSE निफ्टी भी भारी दबाव में रहा और 776 अंकों की गिरावट के साथ लगभग 23,002 के स्तर पर बंद हुआ।
लगातार तीन दिन की तेजी के बाद बाजार में यह तेज गिरावट आई।
निवेशकों को भारी नुकसान
इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा। एक ही दिन में करीब ₹11 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति साफ हो गई।
बाजार में भारी बिकवाली के कारण लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
गिरावट के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे—
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अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती न करना
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कच्चे तेल की कीमतों का $110 प्रति बैरल से ऊपर जाना
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मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
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विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
इन कारणों से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और बाजार में भारी दबाव देखने को मिला।
सभी सेक्टरों पर असर
इस गिरावट का असर बैंकिंग, आईटी, ऑटो और रियल एस्टेट समेत लगभग सभी सेक्टरों पर पड़ा। कई बड़े शेयरों में तेज गिरावट आई, जिससे इंडेक्स नीचे खिसकता गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में नहीं आतीं, तब तक निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
