पंजाब में पिछले चार वर्षों में बिजली विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि सरकार ने बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने पर खास ध्यान दिया है, जिससे राज्य में बिजली व्यवस्था पहले से अधिक स्थिर हुई है।
ट्रांसमिशन क्षमता में बड़ा इजाफा
सरकार के प्रयासों से राज्य की ट्रांसमिशन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां यह क्षमता लगभग 7400/8000 मेगावाट थी, अब बढ़कर 10400/10900 मेगावाट तक पहुंच गई है। इससे बिजली सप्लाई को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिल रही है।
किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति
धान के मौसम के दौरान किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता रही है। इस दौरान किसानों को 8 घंटे से अधिक और दिन के समय बिजली की सप्लाई सुनिश्चित की गई, जिससे खेती के काम में आसानी हुई है।
कोयला उत्पादन और बचत
पचवारा कोयला खदान ने 2024-25 में 70 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य हासिल किया है। इसके साथ ही राज्य की अपनी कोयला खदान से अब तक करीब ₹1,462 करोड़ की बचत सरकारी खजाने में हुई है।
ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा
इन सभी प्रयासों से यह साफ होता है कि पंजाब में बिजली क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भी स्थिर और सस्ती बिजली उपलब्ध हो सके।
