पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने घोषणा की है कि राज्य के वित्त विभाग ने “द पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025” (पंजाब पेड़ संरक्षण कानून 2025) का प्रस्ताव मंजूर कर दिया है। यह प्रस्ताव जंगली जीव और वन विभाग द्वारा भेजा गया था।
प्रेस बयान जारी करते हुए मंत्री चीमा ने बताया कि यह कानून शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
गैर-कानूनी कटाई पर सख़्त कार्रवाई का प्रावधान
चीमा ने बताया कि इस नए कानून के मसौदे में अवैध तरीके से पेड़ काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्मानों का प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य को वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय खतरों से निपटने में अधिक मजबूत बनाएगा।
सरकार का मानना है कि कठोर नियमों से पेड़ों की अनावश्यक कटाई रोकी जा सकेगी और हरियाली को संरक्षित किया जा सकेगा।
वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा राज्य के खज़ाने पर
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस एक्ट को लागू करने से राज्य के खज़ाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। वन विभाग ने भी पुष्टि की है कि इस कानून को लागू करने के लिए अलग से कोई खर्च नहीं करना पड़ेगा।
चीमा ने कहा कि कानून के तहत लगाए जाने वाले जुर्मानों से एक विशेष फंड बनाया जाएगा, जिसे केवल शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स पर खर्च किया जाएगा। यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण के लिए एक आत्मनिर्भर मॉडल तैयार करेगी।
हरियाली बढ़ाने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था
सरकार का उद्देश्य है कि इस नए कानून से पेड़ों की देखभाल और पौधारोपण की प्रक्रिया को अधिक संगठित और प्रभावी बनाया जाए। शहरी इलाकों में जहां पेड़ों की कमी तेजी से बढ़ रही है, यह एक्ट पर्यावरण सुधार में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री मान की अगुवाई में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार पेड़ों की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत कानून लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की त्वरित मंजूरी यह दर्शाती है कि पंजाब सरकार पर्यावरण संरक्षण और क़ानूनी ज़िम्मेदारियों को गंभीरता से निभा रही है। वित्त मंत्री ने बताया कि “पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज़ एक्ट, 2025” अब आगे की विधायी प्रक्रिया से गुज़रेगा। जल्द ही इसे कैबिनेट और फिर विधानसभा के सामने रखा जाएगा, ताकि इसे कानून के रूप में लागू किया जा सके।
