गुजरात में अचानक राजनीतिक गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य मंत्रिपरिषद के सभी मंत्रियों के इस्तीफे ले लिए गए। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया।
मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रियों को यह निर्णय बताया। इसके बाद सभी मंत्रियों ने अपने-अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री को सौंप दिए। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री आज रात राज्यपाल से मुलाकात कर इस्तीफे औपचारिक रूप से सौंपेंगे।
संभावित कैबिनेट विस्तार का संकेत
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में संभावित कैबिनेट विस्तार का हिस्सा है। हालांकि, इस घटनाक्रम पर भाजपा या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
नई मंत्रिपरिषद की शपथ कल
सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 11:30 बजे गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में नई मंत्रिपरिषद शपथ ग्रहण करेगी। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा भी मौजूद रहेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मांगा इस्तीफा
जानकारी के मुताबिक, गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य सरकार के सभी 16 मंत्रियों से इस्तीफा देने का अनुरोध किया। इसके बाद मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद के सदस्यों के इस्तीफे राज्यपाल को सौंपेंगे।
नए चेहरों और युवा नेताओं को मौका
भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस बदलाव का उद्देश्य संगठन और सरकार में नई ऊर्जा लाना है। पार्टी नेतृत्व राज्य में युवा और नए चेहरों को शामिल कर भविष्य की राजनीतिक रणनीति को मजबूत करना चाहता है।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी
गौरतलब है कि गुजरात में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी इस बदलाव के माध्यम से प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर नई टीम तैयार करना चाहती है, ताकि चुनावी तैयारियों में समय रहते मजबूती लाई जा सके।
