पंजाब सरकार ने दिव्यांग कर्मचारियों की मुश्किलों को गंभीरता से लेते हुए एक अहम कदम उठाया है। अब नेत्रहीन और चलने-फिरने में अक्षम सरकारी कर्मचारियों को रात की ड्यूटी से पूरी तरह छूट दी जाएगी। इस संबंध में सभी सरकारी विभागों के प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी जानकारी
सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि दिव्यांग कर्मचारियों की भलाई को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दिव्यांग कर्मचारियों की विभिन्न एसोसिएशनों ने सरकार के साथ बैठक के दौरान यह मुद्दा उठाया था। कर्मचारियों ने बताया था कि रात की ड्यूटी के कारण उन्हें सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए फैसला
डॉ. कौर ने कहा कि रात की ड्यूटी दिव्यांग कर्मचारियों के लिए न केवल असुविधाजनक होती है, बल्कि यह उनके लिए सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी खड़ी करती है। खासकर नेत्रहीन और शारीरिक रूप से अक्षम कर्मचारियों को देर रात घर से बाहर निकलना जोखिमभरा साबित होता है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह मानवीय और कल्याणकारी फैसला लिया है।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
सरकार के इस फैसले का दिव्यांग कर्मचारियों और उनकी एसोसिएशनों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से वे इस समस्या को उठाते आ रहे थे और अब जाकर उन्हें बड़ी राहत मिली है। कर्मचारियों का मानना है कि इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि कार्यस्थल पर आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
