सोने की कीमतों ने हाल ही में रिकॉर्ड ऊंचाई को छूने के बाद मंगलवार को 12 सालों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की। वैश्विक बाजार में मंगलवार को सोना 6.3% टूट गया, जो 2013 के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। गिरावट का यह सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा और कीमतें 2.9% गिरकर 4,004.26 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गईं।
इसके साथ ही चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी गई — यह 7% से अधिक गिरकर 47.6 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
निवेशकों की मुनाफाखोरी बनी बड़ी वजह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट निवेशकों द्वारा मुनाफा बुकिंग के कारण आई है। लंबे समय से जारी तेजी के बाद कई निवेशकों ने ऊंचे भावों पर लाभ कमाने के लिए बिक्री शुरू कर दी।
KCM ट्रेड के मुख्य विश्लेषक टिम वॉटरर ने कहा, “मुनाफा वसूली की यह लहर बर्फ़ के गोले की तरह बढ़ती चली गई, जिससे गिरावट और तेज हो गई।”
शेयर बाजार रहे स्थिर, एशियाई बाजार मिले-जुले
सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद, वैश्विक शेयर बाजारों में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। एशियाई बाजार मिले-जुले रुझान के साथ बंद हुए, जबकि अमेरिकी बाजार S&P 500 लगभग स्थिर रहा।
अमेरिकी ‘शटडाउन’ ने बढ़ाई बाजार की अनिश्चितता
अमेरिका में सरकार के शटडाउन की स्थिति ने निवेशकों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) की रिपोर्ट जारी न होने से बाजार में पारदर्शिता की कमी आई है, जिसके चलते कई व्यापारी असमंजस में हैं।
क्या खत्म हो गया सोने का बुल रन?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट दीर्घकालिक रुझान में कोई बदलाव नहीं दर्शाती। यह सिर्फ एक प्राकृतिक सुधार (Correction) है। सिटी इंडेक्स के विश्लेषक फवाद रज़ाकज़ादा का कहना है, “यह तेज गिरावट पिछले कई महीनों से चली आ रही असाधारण रैली की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। लंबी अवधि में सोने के पक्ष में ही संकेत हैं।”
‘बाय द डिप’ का मौका
कई बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट “बाय द डिप” (सस्ते में खरीदने) का अवसर साबित हो सकती है। अगर निवेशक इस मौके का फायदा उठाते हैं, तो आने वाले समय में सोने की कीमतों में तेज़ वापसी देखी जा सकती है।
