देश की सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। कंपनी अपनी 3G मोबाइल सेवा को पूरी तरह बंद करने की तैयारी में है। आने वाले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में 3G नेटवर्क बंद किया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह BSNL का तेज़ी से पूरा होता 4G नेटवर्क रोलआउट है, जो अब लगभग पूरे देश में पहुंच चुका है।
BSNL पिछले काफी समय से 4G नेटवर्क स्थापित करने में जुटी है और अब कंपनी का फोकस पुराने नेटवर्क को बंद कर नई तकनीक पर शिफ्ट करने का है। फिलहाल देश के हजारों शहरों और कस्बों में BSNL की 3G सेवा चालू है, जिसे करोड़ों उपभोक्ता इस्तेमाल कर रहे हैं।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर
BSNL के इस फैसले का सीधा असर उन यूजर्स पर पड़ेगा, जो अभी भी 3G या 2G सिम का इस्तेमाल कर रहे हैं। TRAI के आंकड़ों के मुताबिक, BSNL के करोड़ों ग्राहक अब भी पुराने नेटवर्क पर निर्भर हैं। जैसे ही 3G सेवा बंद होगी, ऐसे यूजर्स को अपनी सिम 4G में अपग्रेड करानी होगी।
इसके साथ ही जिन ग्राहकों के पास 4G या 5G सपोर्ट वाला मोबाइल फोन नहीं है, उन्हें नया हैंडसेट खरीदना पड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BSNL ने सभी सर्किलों के जनरल मैनेजरों को निर्देश भेजे हैं कि जहां 4G नेटवर्क की कवरेज पूरी हो चुकी है, वहां 3G सेवा को बंद किया जा सकता है।
4G नेटवर्क में BSNL की बड़ी छलांग
BSNL ने इस साल के अंत तक देशभर में एक लाख 4G टावर लगाने का लक्ष्य रखा था। अब तक कंपनी लगभग 97 हजार 4G टावर स्थापित कर चुकी है। खास बात यह है कि BSNL का यह नेटवर्क पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, जिसे “मेक इन इंडिया” के तहत विकसित किया गया है।
BSNL का 4G नेटवर्क भविष्य के लिहाज़ से भी तैयार है, क्योंकि यह 5G रेडी है। यानी 4G रोलआउट पूरा होते ही कंपनी बिना ज्यादा देरी के 5G सेवाओं की शुरुआत कर सकेगी।
जल्द आएगी 5G सेवा
सूत्रों के मुताबिक, BSNL अगले साल 5G सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। 3G नेटवर्क को बंद करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, ताकि संसाधनों को नई और तेज़ तकनीक में लगाया जा सके।
