पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जानकारी दी कि चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले का मामला अब सुलझा लिया गया है। इस ऑपरेशन को पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर अंजाम दिया। संयुक्त कार्रवाई के तहत पुलिस को इस केस में बड़ी सफलता हासिल हुई है।
5 गिरफ्तार, मुख्य आरोपियों की पहचान
जांच के दौरान इस हमले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही दो मुख्य आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है, जो इस साजिश के प्रमुख किरदार माने जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक ग्रेनेड और अन्य हथियार भी बरामद किए हैं।
विदेशी कनेक्शन का खुलासा
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन मिल रहा था। इसके अलावा पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे कुछ विदेशी हैंडलरों की पहचान भी की गई है, जो इस साजिश को निर्देश दे रहे थे।
शांति बिगाड़ने की साजिश नाकाम
पुलिस के मुताबिक, इस हमले के जरिए क्षेत्र में अशांति और डर का माहौल पैदा करने की योजना थी। लेकिन समय रहते कार्रवाई करते हुए इस साजिश को नाकाम कर दिया गया। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
सुरक्षा के लिए पुलिस का सख्त रुख
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि राज्य में सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की आपराधिक या आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
