पंजाब विधानसभा का सत्र चल रहा था। मंच पर खड़े थे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान—आवाज़ में जोश, चेहरे पर संकल्प, और आंखों में साफ दिख रहा था कि आज वे कुछ खास कहने वाले हैं। उन्होंने एक-एक शब्द में चेतावनी दी—“जो लोग युवाओं को नशे में झोंक कर अमीर बने, अब वही जेल की सलाखों के पीछे हैं। अब नशे के जनरलों पर कोई रहम नहीं होगा।”
यह बयान सिर्फ एक भाषण नहीं था, बल्कि पंजाब में जारी “युद्ध नशों विरुद्ध” मुहिम की एक निर्णायक घोषणा थी। मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि कई प्रभावशाली नेता, जो कभी बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमते थे, अब उन्हीं गाड़ियों का इस्तेमाल नशा सप्लाई के लिए करते पकड़े गए हैं।
नाभा जेल बनी ‘चिट्टे वालों की जेल’
मुख्यमंत्री ने एक दिलचस्प बात कही—अब नाभा जेल को ‘चिट्टे वालों की जेल’ कहा जाने लगा है। कारण साफ है—जो कभी पूरे नेटवर्क चलाते थे, वे अब जेल में हैं और वहीं से विशेष सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। लेकिन भगवंत मान ने साफ कर दिया—“जो युवाओं के घरों में अंधेरा लाए, उन्हें अब कोई आराम नहीं मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि इन अपराधियों की संपत्ति ज़ब्त की जा रही है और नष्ट भी की जा रही है, ताकि नशे की कमाई से बने ‘महल’ फिर से किसी का सपना ना बनें।
विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांग्रेस और अकाली नेताओं पर भी हमला बोला। विशेष तौर पर बिक्रम मजीठिया का नाम लेते हुए उन्होंने इतिहास का ज़िक्र किया। उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड की बात की और आरोप लगाया कि मजीठिया के पूर्वजों ने जनरल डायर के लिए रात का भोज आयोजित किया था। “जिसने पंजाब के लोगों पर गोलियां चलाईं, उसके लिए दावत? यह हमारे इतिहास पर धब्बा है,” मान ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सत्ता में रहते हुए नशे को बढ़ावा दिया और आज वही लोग पंजाब को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
नशा सप्लाई चेन टूटी, पुनर्वास शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार को इस मुहिम को पूरी तरह लागू करने में दो साल से ज्यादा का समय लगा। लेकिन अब नतीजे सामने हैं—बड़ी-बड़ी सप्लाई चेन टूट चुकी हैं, नशा तस्कर जेल में हैं, और पीड़ितों का इलाज व पुनर्वास शुरू हो चुका है।
एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई कि कुछ लोग नशे के लिए हाथियों को बेहोश करने वाली दवाएं तक इस्तेमाल कर रहे थे। यह दिखाता है कि स्थिति कितनी भयावह थी।
‘रंगला पंजाब’ की ओर बढ़ते कदम
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब को बदनाम करने की साजिशें कामयाब नहीं होंगी। अब समय है एक समृद्ध, प्रगतिशील और रंगला पंजाब बनाने का।
सभा में तालियां गूंज रही थीं, लेकिन यह केवल शोर नहीं था—यह संकेत था कि पंजाब बदल रहा है, और यह बदलाव अब रुकने वाला नहीं।
