मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ राज्य में महिला सशक्तीकरण की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरकर सामने आई है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से अब तक लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹1,149 करोड़ की वित्तीय सहायता सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है।
योजना के तहत अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की दर से तीन किस्तों में ₹4,500, जबकि अन्य वर्गों की पात्र महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह की दर से तीन किस्तों में ₹3,000 की सहायता राशि प्रदान की गई है। सरकार का कहना है कि इस योजना से महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ-साथ पारदर्शी और समयबद्ध वित्तीय सहायता भी सुनिश्चित हुई है।
राज्यभर में इस योजना को व्यापक समर्थन मिला है। लाभार्थी महिलाओं का कहना है कि डीबीटी व्यवस्था के कारण सहायता राशि बिना किसी बिचौलिये, बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया और बिना देरी के सीधे उनके बैंक खातों में पहुंच रही है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि जरूरत के समय वे अपनी सुविधा के अनुसार राशि का उपयोग भी कर पा रही हैं।
‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत अब तक 70 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। इस व्यापक भागीदारी के साथ यह योजना पंजाब की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल हो गई है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के लिए वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना है।
