पंजाब सरकार ने रोजगार के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए PSPCL (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में 2,200 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद इस समारोह में शामिल होकर नव-नियुक्त उम्मीदवारों को बधाई दी और उन्हें अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने की सलाह दी।
इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा, खासतौर पर पंजाब के अधिकारों और संसाधनों से जुड़े मामलों पर।
पंजाब सरकार ने दी अब तक 59,000 से ज्यादा नौकरियां
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार अब तक 59,000 से अधिक नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने बताया कि यह सभी नियुक्तियाँ बिना सिफारिश और बिना रिश्वत के की गई हैं।
उन्होंने कहा — “हमारी सरकार ने मेरिट को प्राथमिकता दी है। यह नौकरियां किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि मेहनत और लगन से मिली हैं।”
केंद्र पर लगाया पंजाब के अधिकार छीनने का आरोप
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र पंजाब के सारे अधिकार छीनना चाहता है। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने हक के लिए लड़ेगा और जरूरत पड़ी तो “हक लेकर रहेगा।”
मान ने पानी विवाद पर बोलते हुए कहा — “जब हरियाणा अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर चुका था, तब केंद्र ने पंजाब के मामलों में दखल देना शुरू कर दिया।”
उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) पर भी नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है, जो राज्य के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
पंजाब यूनिवर्सिटी विवाद पर भी बोले CM मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) से जुड़े विवाद पर भी केंद्र को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि अब केंद्र इस ऐतिहासिक यूनिवर्सिटी को अपना बताने लगा है और अंबाला और यमुनानगर के कॉलेजों को PU से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने इस कदम का सख्त विरोध किया और कहा कि “हरियाणा ने खुद अपने कॉलेजों को अलग कर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी बनाई थी, तो अब उसे अपने ही फैसले पर भरोसा क्यों नहीं रहा?”
मान ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी का संबंध पंजाब की संस्कृति, भाषा और विरासत से है, और इसे किसी भी कीमत पर पंजाब से अलग नहीं होने दिया जाएगा।
बिजली बोर्ड के बिल पर भी जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र अब राज्य के बिजली बोर्डों पर नियंत्रण करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाब का बिजली बोर्ड राज्य सरकार के अधीन ही रहेगा और राज्य के हितों की रक्षा की जाएगी।
“पंजाब झुकेगा नहीं” – CM मान का संदेश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब हमेशा अपने हकों की रक्षा के लिए खड़ा रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाएं और पंजाब को मजबूत बनाएं।
उन्होंने कहा — “हम किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। पंजाब अपने अधिकार जानता है और उन्हें हासिल करना भी जानता है।”
