न्यूज़ीलैंड में सिख समुदाय द्वारा निकाले गए नगर कीर्तन के विरोध को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटना पहले कभी सुनने को नहीं मिली और यह पूरी तरह से अफसोसजनक है।
भारत सरकार से कूटनीतिक पहल की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और न्यूज़ीलैंड सरकार से बातचीत करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार के माध्यम से न्यूज़ीलैंड के राजदूत को बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा की जानी चाहिए।
हर धर्म को अपने आयोजन का अधिकार
सीएम मान ने कहा कि सिख कौम हमेशा “सरबत का भला” यानी सभी के कल्याण की भावना के साथ जीवन जीती आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति को अपने धार्मिक आयोजन और परंपराएं शांतिपूर्वक मनाने का पूरा अधिकार है। किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
विदेशों में भी योगदान देते हैं पंजाबी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाबी जहां भी जाते हैं, वहां के देश की तरक्की में सकारात्मक योगदान देते हैं। मेहनत, ईमानदारी और आपसी भाईचारे की भावना के साथ वे हर समाज में अपनी पहचान बनाते हैं। ऐसे में उनके धार्मिक आयोजनों का विरोध करना न केवल गलत है, बल्कि आपसी सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाता है।
धूरी दौरे पर भी रहे सक्रिय
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान आज अपने विधानसभा क्षेत्र धूरी के दौरे पर भी थे। यहां उन्होंने ब्लॉक समिति और जिला परिषद के विजेता उम्मीदवारों तथा गांवों के सरपंचों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को लेकर रिपोर्ट कार्ड भी तलब किया और अधिकारियों को विकास की गति बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा और भविष्य में सिख समुदाय के धार्मिक आयोजनों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।
