पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में मान सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। “शिक्षा क्रांति” के तहत राज्य के 852 सरकारी स्कूलों के नवीनीकरण (रेनोवेशन) के लिए ₹17.4 करोड़ की राशि जारी की गई है। इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों को आधुनिक, सुरक्षित और बच्चों के लिए बेहतर सीखने का माहौल देना है।
सीधे स्कूलों को मिला फंड
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि रेनोवेशन के लिए जारी की गई राशि सीधे स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों (SMC) के खातों में ट्रांसफर की गई है। इससे न सिर्फ काम में पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि समय पर काम पूरा होने की जिम्मेदारी भी तय होगी। सरकार का मानना है कि जब फैसले और फंड स्कूल स्तर पर होंगे, तो ज़रूरत के मुताबिक काम जल्दी और बेहतर तरीके से हो पाएगा।
क्या-क्या सुधारा जाएगा
इन पैसों से स्कूलों में कक्षाओं की मरम्मत, साफ-सफाई, शौचालयों की हालत सुधारना, पीने के पानी की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाने जैसे काम किए जाएंगे। कई स्कूलों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी, जिसे अब दूर किया जाएगा।
बच्चों के लिए बेहतर माहौल
सरकार का फोकस सिर्फ इमारतों को सुधारने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जहां बच्चे खुशी से पढ़ सकें। साफ-सुथरे और सुरक्षित स्कूल बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और उपस्थिति पर भी सकारात्मक असर डालते हैं।
सरकारी स्कूल बने बदलाव का केंद्र
मान सरकार लगातार यह संदेश दे रही है कि सरकारी स्कूल भी प्राइवेट स्कूलों से बेहतर बन सकते हैं। रेनोवेशन, बेहतर शिक्षक व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं के जरिए सरकार शिक्षा सुधार को अपनी प्राथमिकता में रखे हुए है। यह कदम उसी सोच को और मज़बूत करता है कि सरकारी स्कूल ही शिक्षा सुधार के असली केंद्र बनेंगे।
