पंजाब में संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में काउंटर इंटेलिजेंस, पठानकोट की टीम ने एक खुफिया आधार पर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसा मॉड्यूल पकड़ा है जो टारगेट किलिंग जैसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। समय रहते हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश में शांति और सुरक्षा को मजबूत किया है।
चार आरोपी पकड़े गए, हथियार बरामद
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा है, जिनमें से दो नाबालिग हैं। इनके कब्जे से दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि अगर इन्हें गिरफ्तार न किया जाता तो जल्द ही कोई बड़ी वारदात हो सकती थी।
विदेशों में बैठे अपराधियों से जुड़े तार
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि पकड़े गए आरोपी विदेशों में बैठे कुख्यात अपराधियों से जुड़े हुए हैं। इनमें शामिल हैं:
- निशान सिंह (निवासी जौरियां)
- शमशेर सिंह उर्फ शेरा मान उर्फ हनी (निवासी मान)
- साजन मसीह उर्फ गोरू (निवासी वेरोके, थाना डेरा बाबा नानक)
ये अपराधी विदेश में बैठकर पंजाब में सक्रिय गिरोहों को हथियार और पैसा मुहैया करवा रहे हैं, ताकि राज्य में अशांति फैलाई जा सके।
अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी खुलासा
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को राज्यभर में फैली आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल का इस्तेमाल न केवल टारगेट किलिंग के लिए, बल्कि अन्य संगीन अपराधों में भी किया जा रहा था।
मामला दर्ज, जांच जारी
इस पूरे मामले में SSOC अमृतसर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगियां संभव हैं।
पंजाब पुलिस का संकल्प
पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि वह राज्य में किसी भी तरह के संगठित अपराध नेटवर्क को पनपने नहीं देगी। पुलिस का कहना है कि शांति और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पठानकोट में हुई इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक टारगेट किलिंग की साजिश को नाकाम किया है, बल्कि अपराधियों के बड़े नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। यह सफलता इस बात का सबूत है कि पंजाब पुलिस संगठित अपराध और विदेशों से जुड़े नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
