पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम विंग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी हैंडलर्स से जुड़े ‘म्यूल अकाउंट’ रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो साइबर धोखाधड़ी से जुड़े पैसों को इधर-उधर करने में शामिल थे।
फर्जी कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में सामने आया है कि आरोपी नकली कंपनियां चलाकर जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से कमाए गए पैसों को छिपाने और ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। इस तरह आरोपी पिछले दो सालों से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए कमीशन कमा रहे थे।
बड़ी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बैंक खातों में जमा ₹20 लाख की राशि फ्रीज़ की है। इसके अलावा 5100 USDT की क्रिप्टोकरेंसी, 23 ATM कार्ड, 2 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड, जाली KYC दस्तावेज, 14 चेक बुक और कई मोहरें बरामद की गई हैं।
FIR दर्ज, जांच जारी
इस मामले में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह को खत्म किया जा सके।
डिजिटल सुरक्षा के लिए सख्ती
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य नागरिकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल माहौल बनाना है।
यह कार्रवाई दिखाती है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस पूरी तरह सतर्क है और समय रहते ऐसे नेटवर्क को तोड़ने में सफल हो रही है।
