मॉनसून भले ही विदा हो चुका हो, लेकिन मौसम का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने एक नए चक्रवात को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिससे देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज़ हवाओं का खतरा बना हुआ है।
IMD का ताजा अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास एक निम्न दबाव क्षेत्र बन रहा है, जो अगले कुछ दिनों में चक्रवात में बदल सकता है। इस चक्रवात के असर से 23 अक्टूबर तक अंडमान-निकोबार और उसके आस-पास के इलाकों में भारी बारिश और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है।
IMD ने मछुआरों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय इलाकों में सुरक्षा के मद्देनज़र कई बंदरगाहों को खाली कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की चेतावनी दी है।
कई राज्यों पर असर
चक्रवात का प्रभाव सिर्फ समुद्र तटों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इसके कारण केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गोवा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश की संभावना है।
यह चक्रवात पहले अंडमान-निकोबार से टकराएगा, फिर धीरे-धीरे पश्चिम और उत्तर की ओर बढ़ेगा। अगले कुछ दिनों में यह केरल से होते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश तक असर डाल सकता है। कुछ इलाकों में आंधी, बिजली और तेज़ हवाओं के साथ भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।
पंजाब में रहेगा सामान्य मौसम
वहीं, पंजाब में फिलहाल मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है और तापमान में भी ज्यादा बदलाव नहीं होगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
हालांकि, राज्य में मौसम शुष्क रहने से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण लोगों में चिंता बढ़ी है, खासकर सुबह और शाम के समय हवा में धूल और धुएं की मात्रा ज़्यादा पाई जा रही है।
क्या करना चाहिए लोगों को
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रभावित राज्यों में रहने वाले लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। वहीं, पंजाब और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में लोगों को प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क पहनने और सुबह की सैर से परहेज़ करने की सलाह दी गई है।
चक्रवात का यह असर आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में महसूस किया जा सकता है, इसलिए सतर्क रहना ही समझदारी है।
