दिल्ली में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। सुबह और शाम के समय हल्की धुंध छाई रहती है, जिससे हवा में ठंड का एहसास बढ़ गया है। हालांकि, दिन के वक्त मौसम सामान्य बना हुआ है और हल्की धूप लोगों को राहत दे रही है। राजधानी में इस समय सर्दी की दस्तक साफ़ महसूस की जा सकती है।
सुबह-शाम में धुंध, दिन में हल्की धूप
दिल्ली में इन दिनों तापमान में गिरावट जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्की धुंध रहेगी, जबकि दोपहर तक आसमान साफ़ रहेगा। दिन के समय धूप का असर बहुत तेज़ नहीं होगा, इसलिए मौसम आरामदायक बना रहेगा। धीरे-धीरे अब दिल्ली में “गुलाबी सर्दी” का एहसास बढ़ने लगा है।
हवा की गुणवत्ता में सुधार
दीपावली के बाद दिल्ली की हवा में जो भारी प्रदूषण बढ़ गया था, उसमें अब कुछ सुधार देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिनों में हवा की गुणवत्ता में गिरावट के बजाय सुधार हुआ है। कई इलाकों में एक्यूआई (AQI) स्तर पहले की तुलना में नीचे आया है, जिससे राहत महसूस की जा रही है।
प्रदूषण स्तर में आई कमी
दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई अब 300 के नीचे आ चुका है, जो पहले 350 के आसपास पहुंच गया था। वजीरपुर इलाका आज भी सबसे प्रदूषित स्थानों में गिना गया, जहाँ हवा का एक्यूआई स्तर 325 दर्ज किया गया है, जो “बेहद खराब” श्रेणी में आता है। वहीं आनंद विहार, जहाँ कुछ दिन पहले हवा की स्थिति बहुत खराब थी, वहाँ सुधार देखा गया है। आज सुबह करीब 7:30 बजे आनंद विहार का एक्यूआई 292 दर्ज किया गया, जो अब “बेहद खराब” से “खराब” श्रेणी में आ गया है।
दिल्ली के प्रमुख इलाकों का एक्यूआई
राजधानी के अन्य हिस्सों में भी हवा की स्थिति में सुधार देखा गया है। चांदनी चौक में एक्यूआई 297, आर.के. पुरम में 291, विवेक विहार में 277, सोनिया विहार में 274, द्वारका सेक्टर-8 में 257, बुराड़ी में 255, अलीपुर में 252 और नजफगढ़ में 215 दर्ज किया गया। ये सभी इलाके “खराब” श्रेणी में आते हैं। वहीं, लोदी रोड की हवा बाकी इलाकों की तुलना में बेहतर है — यहाँ एक्यूआई 149 दर्ज किया गया है, जो “मध्यम” श्रेणी में आता है।
राहत की बात
दिल्ली के लिए राहत की सबसे बड़ी बात यह है कि इस साल अक्टूबर महीने में एक भी दिन हवा की गुणवत्ता “अत्यंत गंभीर” स्तर यानी 400 से ऊपर नहीं गई। पिछले वर्षों की तुलना में यह एक सकारात्मक संकेत है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सुधार का कारण हाल के दिनों में हवा की दिशा में बदलाव और तापमान का थोड़ा बढ़ना है, जिससे प्रदूषक तत्वों का फैलाव हुआ है।
