दिल्ली और एनसीआर में एक बार फिर सर्दी के साथ कोहरे और प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। 16 दिसंबर की सुबह राजधानी और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) भी बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया है। हालात को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जो खासतौर पर सुबह के समय घने कोहरे और कम दृश्यता को लेकर है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में कोहरे और प्रदूषण की धुंध एक साथ देखने को मिली। सड़कों पर दृश्यता कम होने की वजह से कई जगहों पर वाहन हादसों की खबरें सामने आई हैं। ठंडा मौसम और खराब हवा का असर लोगों की सेहत पर भी साफ नजर आ रहा है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बाद सड़क, रेल और हवाई यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह के समय कोहरे की वजह से ट्रेनों और उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि आज से हवाओं की गति में बढ़ोतरी होने की संभावना है। तेज हवाएं वातावरण में जमी धुंध और प्रदूषण को हटाने में मदद कर सकती हैं, जिससे दिन के समय हालात कुछ बेहतर हो सकते हैं।
AQI खतरनाक स्तर पर कायम
दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर इलाकों में AQI 350 से ऊपर बना हुआ है, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत AQI करीब 380 दर्ज किया गया है। पटपड़गंज में AQI 368, पंजाबी बाग में 420, द्वारका में 362 और सैलारपुर में 449 तक पहुंच गया। कुछ इलाकों में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, जहां हवा में सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।
21 दिसंबर तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 16 दिसंबर को घना कोहरा बना रहेगा और येलो अलर्ट लागू रहेगा। 17 दिसंबर से 21 दिसंबर के बीच सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। यानी ठंड का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 17 और 18 दिसंबर के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसका असर दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली ठंडी और शुष्क हवाएं करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं, जिससे प्रदूषण में कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन 20 और 21 दिसंबर के आसपास बारिश और बर्फबारी के आसार बन सकते हैं।
