रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने के प्रयास अब तेज़ होते दिख रहे हैं। अमेरिकी राजनीति और कूटनीति भी इसमें अहम भूमिका निभा रही है। मंगलवार (19 अगस्त 2025) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर बातचीत हुई। यह वार्ता उस समय हुई जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन में ट्रंप से मिलने पहुँचा था।
पुतिन की पेशकश
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुतिन ने फोन पर बातचीत के दौरान जेलेंस्की को रूस में मुलाकात के लिए आमंत्रित किया। हालांकि शुरुआती स्तर पर अधिकारियों ने इस सुझाव को गंभीरता से न लेने की बात कही थी, लेकिन धीरे-धीरे यह चर्चा अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई।
व्हाइट हाउस की पुष्टि
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की पुष्टि की कि पुतिन और जेलेंस्की की बैठक को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने कहा, “दोनों नेताओं ने मिलने की इच्छा जताई है और हमारी टीम इसके लिए विकल्प तलाश रही है।”
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे भी आगे बढ़ते हुए त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन का प्रस्ताव रखा, जिसमें पुतिन और जेलेंस्की दोनों शामिल होंगे। ट्रंप ने यह भी बताया कि इस बैठक की तैयारियाँ प्रारंभिक स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
रूस का सतर्क रुख
हालाँकि मास्को ने इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सतर्कता बरती है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने स्पष्ट किया कि बातचीत के लिए रूस तैयार है, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि पहले विशेषज्ञ स्तर पर चर्चा होनी चाहिए, फिर धीरे-धीरे बड़े शिखर सम्मेलन तक पहुँचना चाहिए।
जेलेंस्की का रुख
यूक्रेन की ओर से राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि कीव बातचीत के लिए तैयार है और अगले 7 से 10 दिनों में इस शिखर सम्मेलन की औपचारिक योजना बन सकती है। उनका मानना है कि यह कदम युद्ध को समाप्त करने की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है।
अमेरिकी प्रतिक्रिया
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह अपने आप में बड़ी बात है कि पुतिन ने जेलेंस्की से मिलने की हामी भरी है। भले ही अभी अंतिम समझौता दूर है, लेकिन यह शुरुआत शांति की उम्मीद जगाती है।
पुतिन की शर्तें
पुतिन ने हाल ही में ट्रंप से अलास्का में हुई मुलाकात में दोहराया कि किसी भी स्थायी समाधान के लिए सबसे पहले संघर्ष के मूल कारणों पर चर्चा करनी होगी। उन्होंने संकेत दिया कि बिना इन मुद्दों को सुलझाए शांति संभव नहीं है।
रूस-यूक्रेन युद्ध ने न केवल दोनों देशों बल्कि पूरे विश्व को प्रभावित किया है। ऐसे में पुतिन और जेलेंस्की की संभावित बैठक को लेकर दुनिया की नज़रें इस प्रक्रिया पर टिकी हैं। जहाँ ट्रंप मध्यस्थ की भूमिका निभाने को तैयार दिख रहे हैं, वहीं रूस और यूक्रेन के बीच वास्तविक समझौता कितना संभव होगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।
