साल 2025 पंजाब में सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारिता के लिहाज़ से एक अहम मोड़ बनकर सामने आया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसे ठोस फैसले लिए, जिनका सीधा फायदा समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को मिला। सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि 2025 को सामाजिक बदलाव का ऐतिहासिक वर्ष माना जाएगा।
अनुसूचित जातियों के लिए रिकॉर्ड बजट
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मान सरकार ने अनुसूचित जातियों की भलाई के लिए ₹13,987 करोड़ का बजट आरक्षित किया। यह कदम सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी को मज़बूत करने की दिशा में बड़ा प्रयास है। इस बजट का इस्तेमाल शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा रहा है।
पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप से शिक्षा को बल
साल 2025 में पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना सामाजिक न्याय का सबसे असरदार हथियार बनी। लाखों छात्रों को इस योजना के ज़रिए पढ़ाई जारी रखने में सीधी मदद मिली। सरकार का साफ संदेश रहा कि कोई भी छात्र सिर्फ आर्थिक कमजोरी के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।
अंबेडकर इंस्टीट्यूट का नया रूप
डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट का नवीनीकरण भी इस साल की बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। नए भवन, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह संस्थान अब सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि अवसरों का केंद्र बन गया है।
मुख्यधारा से जोड़ने पर फोकस
सरकार की नीतियों का फोकस सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर रहा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि 2025 ने साबित कर दिया कि सामाजिक न्याय सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
