पंजाब सरकार ने डिजिटल सुविधाओं को और मजबूत करते हुए ई-सनद पोर्टल की शुरुआत की है। इसे मान सरकार की डिजिटल क्रांति का एक और बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इस पोर्टल के जरिए अब छात्रों को अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
घर बैठे सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन
ई-सनद पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के सर्टिफिकेट घर बैठे ऑनलाइन वेरिफाई किए जा सकेंगे। चाहे छात्र पंजाब में हो या विदेश में, उसे सिर्फ इंटरनेट की जरूरत होगी। इससे खास तौर पर विदेश पढ़ाई या नौकरी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।
कम खर्च, ज्यादा सुविधा
इस ऑनलाइन सेवा के लिए केवल 60 रुपये की मामूली फीस तय की गई है। पहले जहां सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन में समय और पैसा दोनों ज्यादा लगते थे, वहीं अब यह प्रक्रिया सस्ती, आसान और तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि यह सेवा आम लोगों की जेब और समय दोनों को बचाएगी।
एजेंटों से मुक्ति
ई-सनद पोर्टल के जरिए अब किसी एजेंट या बिचौलिए की जरूरत नहीं रहेगी। न तो लंबा इंतजार होगा और न ही फालतू खर्च। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल होगी, जिससे गड़बड़ी की गुंजाइश भी कम होगी।
शिक्षा मंत्री का बयान
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ई-सनद पोर्टल छात्रों और युवाओं के लिए एक बड़ी सुविधा है। इससे शिक्षा से जुड़ी सेवाएं ज्यादा सरल और भरोसेमंद बनेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरी सेवा को डिजिटल बनाकर लोगों तक सीधे पहुंचाया जाए।
छात्रों के लिए बड़ी राहत
कुल मिलाकर ई-सनद पोर्टल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा संस्थानों के लिए एक आधुनिक और उपयोगी पहल है। यह कदम पंजाब को डिजिटल और पारदर्शी शासन की दिशा में और आगे ले जाता है।
