पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की नीति को दोहराते हुए कहा कि जनता के पैसे का दुरुपयोग करना बेहद गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि लोगों का एक रुपया भी खाना “सल्फेट की गोली खाने जैसा” है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम कर रही है।
बेरोजगारी और महंगाई को बताया बड़ी चुनौती
CM मान ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य मुकाबला बेरोजगारी, महंगाई और पंजाब के विकास में आने वाली रुकावटों से है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पंजाब को फिर से खुशहाल और रंगीला बनाना है, जहां युवाओं को रोजगार मिले, खेलों को बढ़ावा मिले और समाज में सकारात्मक माहौल बने।
पुरानी सरकारों के कर्ज का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार को पिछली सरकारों द्वारा लिया गया भारी कर्ज विरासत में मिला था। इसके बावजूद उनकी सरकार ने वित्तीय प्रबंधन में सुधार कर राज्य की आय बढ़ाने का काम किया। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर कर राजस्व बढ़ाया गया और उसी आय का उपयोग लोगों के कल्याण के लिए किया जा रहा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली पर जोर
भगवंत मान ने कहा कि बढ़ी हुई आय का लाभ सीधे जनता को दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और महिलाओं के सम्मान से जुड़ी योजनाओं पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
केंद्र सरकार पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने केंद्र की BJP सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश पर कर्ज कई गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि कर्ज और आर्थिक नीतियों के मामले में केंद्र सरकार को भी राज्यों और जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
