पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। खेतों से लेकर गाँव और शहर तक पानी में डूबे नज़र आ रहे हैं। जन-धन, फसलें, पशुधन और बुनियादी ढाँचे को बड़ा नुकसान पहुँचा है। लेकिन इस मुश्किल घड़ी में पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में लगातार राहत और बचाव कार्य कर रही है।
अब तक कितने लोग सुरक्षित पहुँचाए गए?
राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने जानकारी दी कि अब तक 15,688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। इसमें सबसे अधिक गुरदासपुर से 5,549, फिरोजपुर से 3,321 और फाजिल्का से 2,049 लोग शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला, मानसा, मोगा और बरनाला जैसे ज़िलों से भी लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
कितने कैंप बनाए गए हैं?
बाढ़ से बेघर हुए परिवारों को ठहराने के लिए 129 राहत कैंप स्थापित किए गए हैं। केवल गुरदासपुर में ही 25, अमृतसर में 16, होशियारपुर में 20 और पटियाला में 20 कैंप चल रहे हैं। इन केंद्रों में लोगों के लिए खाना, दवाइयाँ और ज़रूरी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिलहाल 7,144 लोग इन कैंपों में रह रहे हैं, जिनमें से सबसे ज़्यादा (3,987) फिरोजपुर जिले में हैं।
कितने गाँव और लोग प्रभावित?
राज्य के 12 जिलों के 1,044 गाँव प्रभावित हुए हैं। अकेले गुरदासपुर में ही 321 गाँव डूबे हैं। अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक़ 2,56,107 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सबसे ज़्यादा असर गुरदासपुर पर पड़ा है, जहाँ 1.45 लाख लोग प्रभावित हुए। अमृतसर में 35,000, फिरोजपुर में 24,015 और फाजिल्का में 21,562 लोग प्रभावित हुए हैं।
फौज और एजेंसियों की मदद
राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 20 टीमों को अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। सेना, वायुसेना और नौसेना की 10 टुकड़ियाँ भी मैदान में हैं, जबकि 8 टुकड़ियाँ अलर्ट पर रखी गई हैं। भारतीय वायुसेना और सेना के लगभग 35 हेलीकॉप्टर और 114 नावें लोगों को सुरक्षित निकालने में लगी हैं। इसके साथ ही बीएसएफ की यूनिटें भी मदद कर रही हैं।
जान-माल का नुकसान
1 अगस्त से 1 सितम्बर 2025 तक बाढ़ में 29 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज़्यादा मौतें पठानकोट जिले (6) में हुई हैं। अमृतसर, होशियारपुर, लुधियाना और मानसा जैसे जिलों में भी कई लोगों की जान गई है। इसके अलावा पठानकोट में 3 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं।
फसलों का नुकसान
पंजाब की खेती भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कुल 94,061 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आई है। सबसे ज़्यादा नुकसान अमृतसर (23,000 हेक्टेयर), मानसा (17,005 हेक्टेयर) और कपूरथला (14,934 हेक्टेयर) में हुआ है। तरन तारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और जालंधर जैसे जिलों में भी हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है।
सरकार का आश्वासन
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दे रही है। कैंपों में रहने वाले लोगों को भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ और ज़रूरी सामान दिया जा रहा है। पशुधन और बुनियादी ढांचे के नुकसान का आकलन फिलहाल जारी है। सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं ताकि प्रभावित लोगों को मुआवज़ा मिल सके।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार इस संकट की घड़ी में हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और राहत व पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
