घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार, 7 नवंबर को दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के समय बाजार में हल्की तेजी थी, लेकिन दोपहर तक बिकवाली का दबाव बढ़ गया। अंतिम घंटे में बाजार ने थोड़ी रिकवरी जरूर दिखाई, लेकिन अंततः मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में हल्की गिरावट
दिनभर के कारोबार के बाद सेंसेक्स 94.73 अंक (0.11%) गिरकर 83,216.28 के स्तर पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 14 शेयरों में बढ़त जबकि 16 में गिरावट देखी गई। वहीं, निफ्टी 17.40 अंक (0.07%) फिसलकर 25,492.30 के स्तर पर बंद हुआ।
आज बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला, जबकि मेटल और फार्मा सेक्टर ने थोड़ी मजबूती दिखाई।
ग्लोबल मार्केट्स में भी कमजोरी का असर
विदेशी बाजारों का रुख भी भारतीय शेयर बाजार पर भारी पड़ा। ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई।
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जापान का निक्केई 2.16% गिरकर 49,783 पर
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कोरिया का कोस्पी 2.49% गिरकर 3,926 पर
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हैंग सेंग इंडेक्स (हांगकांग) 1.11% गिरकर 26,190 पर
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शंघाई कंपोजिट (चीन) 0.16% गिरकर 4,001 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार भी सोमवार को लाल निशान पर बंद हुए थे।
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डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.84% गिरा
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S&P 500 1.12% नीचे गया
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नैस्डैक में 1.90% की तेज गिरावट दर्ज की गई।
इन विदेशी संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा, जिससे निवेशकों में सतर्कता का माहौल रहा।
FII ने निकाले पैसे, DII ने खरीदे शेयर
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 6 नवंबर को भारतीय बाजार से 3,605 करोड़ रुपये की निकासी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) भरोसा जताते नजर आए और उन्होंने 4,814 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
पिछले महीनों पर नज़र डालें तो अक्टूबर में FPIs ने 14,610 करोड़ रुपये का निवेश किया, जबकि सितंबर में उन्होंने 35,301 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतक, अमेरिकी ब्याज दरों की नीति और डॉलर इंडेक्स की दिशा भारतीय बाजार की चाल तय करेंगे। साथ ही, तिमाही नतीजों का सीजन भी निवेशकों के मूड को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल, विश्लेषकों की सलाह है कि निवेशक उतार-चढ़ाव के इस दौर में लंबी अवधि के दृष्टिकोण से अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों में निवेश बनाए रखें।
