चंडीगढ़ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पूर्व सांसद किरण खेर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कुछ और है। प्रशासन ने उन्हें सरकारी मकान के किराए का करीब ₹13 लाख बकाया होने के चलते नोटिस जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
किरण खेर को सांसद रहते हुए चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में एक सरकारी घर अलॉट किया गया था। लेकिन अब जानकारी सामने आई है कि उन्होंने उस मकान का किराया समय पर नहीं चुकाया। इसी वजह से उनके ऊपर ₹12.76 लाख का बकाया बन गया है, जिसे लाइसेंस फीस के तौर पर अदा किया जाना है।
प्रशासन ने उन्हें इस राशि को जल्द से जल्द जमा कराने के लिए कहा है। यह नोटिस 24 जून को रेंट्स के असिस्टेंट कंट्रोलर की ओर से भेजा गया था।
अगर भुगतान नहीं किया गया तो?
अगर किरण खेर द्वारा समय पर यह रकम जमा नहीं करवाई जाती, तो बकाया राशि पर 12% वार्षिक ब्याज भी लगाया जाएगा। यानी जितनी देरी होगी, रकम उतनी ही बढ़ती जाएगी।
प्रशासन की ओर से भेजे गए नोटिस में साफ कहा गया है कि ₹12,76,418 की बकाया रकम का भुगतान या तो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए किया जाए या फिर बैंक ट्रांसफर से। इसके साथ ही भुगतान से पहले कैशियर से पूरा विवरण लेना अनिवार्य होगा।
क्यों है ये मामला खास?
किरण खेर चंडीगढ़ से दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और फिल्मी दुनिया में भी एक जानी-मानी शख्सियत हैं। ऐसे में उनके ऊपर इतनी बड़ी बकाया राशि का सामने आना चर्चा का विषय बन गया है।
प्रशासन का कहना है कि यह नियम सभी के लिए समान हैं, चाहे वह कोई पूर्व सांसद हो या आम नागरिक। यदि सरकारी मकान का किराया समय पर नहीं चुकाया जाता, तो कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
यह मामला हमें यह याद दिलाता है कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना चाहिए। पूर्व सांसद होने के बावजूद, यदि किराया बकाया रह जाता है, तो नियमों के तहत कार्यवाही होना तय है। अब देखना यह है कि किरण खेर इस बकाया राशि का भुगतान कब तक करती हैं या आगे कोई सफाई देती हैं।
