अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम दबाव में रहे, जबकि वैश्विक बाजार में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती अटकलों ने सोने की कीमतों पर असर डाला है।
लगातार तेजी के बाद शुरू हुई मुनाफावसूली
पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी। कई निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद अपने निवेश से मुनाफा निकालना शुरू कर दिया। इसी वजह से एमसीएक्स पर सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई। बाजार में इसे सामान्य मुनाफावसूली का दौर माना जा रहा है, जो किसी भी तेज रैली के बाद देखने को मिलता है।
डॉलर की स्थिरता बनी बड़ी वजह
अमेरिकी डॉलर इस समय अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में बना हुआ है। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने की मांग पर दबाव पड़ता है। इसका कारण यह है कि सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में कारोबार करता है। मजबूत डॉलर की वजह से अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग प्रभावित होती है।
ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अटकलें
बाजार की नजर अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी नीतियों पर टिकी हुई है। हाल के आर्थिक आंकड़ों ने यह संभावना बढ़ा दी है कि ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखा जा सकता है। कुछ निवेशकों का मानना है कि जरूरत पड़ने पर दरों में और बढ़ोतरी भी हो सकती है। ऐसे माहौल में सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों की आकर्षण क्षमता कुछ कम हो जाती है।
निवेशकों की निगाहें आर्थिक आंकड़ों पर
वैश्विक निवेशक फिलहाल अमेरिका से आने वाले रोजगार, महंगाई और आर्थिक विकास से जुड़े आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। ये आंकड़े तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व आगे किस दिशा में कदम उठाता है। इसी वजह से सोने के बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
चांदी के बाजार में भी दिखा असर
सोने की कमजोरी का असर चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला। हालांकि औद्योगिक मांग के कारण चांदी को कुछ समर्थन मिला, लेकिन वैश्विक बाजार की अनिश्चितता के चलते इसमें भी उतार-चढ़ाव जारी रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी दोनों अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों के आधार पर दिशा तय करेंगे।
घरेलू बाजार में कारोबारियों की बढ़ी सतर्कता
भारतीय सर्राफा बाजार में कारोबारियों और निवेशकों ने भी सतर्क रुख अपनाया है। शादी-विवाह के सीजन के बावजूद कई खरीदार कीमतों की दिशा स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं ज्वेलर्स का कहना है कि बाजार में मांग बनी हुई है, लेकिन निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
