नवंबर के तीसरे रविवार को दुनिया भर में मनाए जाने वाले सड़क दुर्घटना पीड़ितों के स्मृति दिवस के अवसर पर पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने सड़क सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों और सिविल सोसायटी संगठनों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की। इस बैठक में राज्य में हिट एंड रन मुआवजा योजना को तेज़ी से लागू करने के लिए एक नई कार्य योजना की औपचारिक शुरुआत की गई।
इस दिन को सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने और उनके परिवारों के दुख को साझा करने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की प्रतिबद्धता के तौर पर मनाया जाता है।
पीड़ित परिवारों के लिए सरकार की नई पहल
मंत्री भुल्लर ने कहा कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करना और पीड़ितों के परिवारों को समय पर सहायता देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यह कार्य योजना हिट एंड रन मुआवजा योजना के तहत जागरूकता बढ़ाने और सहायता प्रक्रिया को तेज़ करने का लक्ष्य रखती है।
हिट एंड रन मुआवजा योजना 2022 के अनुसार:
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मृत्यु के मामलों में ₹2,00,000 का मुआवजा
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गंभीर घायलों के लिए ₹50,000 की वित्तीय सहायता
दी जाती है, खासकर तब जब दुर्घटना करने वाला वाहन या चालक पहचान में न आए।
3,324 मामले अभी भी लंबित — 2026 तक निपटाने का लक्ष्य
परिवहन मंत्री ने पंजाब ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2022 और 2023 के कुल 3,324 हिट एंड रन मामले अभी भी लंबित हैं। इनमें 2,510 मौतें और 1,317 गंभीर घायल शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार 31 मार्च 2026 तक इन सभी मामलों का निपटारा सुनिश्चित करेगी।
अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र शुरू
सड़क सुरक्षा के लिए लीड एजेंसी के डीजी आर. वेंकट रत्नम (सेवानिवृत्त IAS) ने बताया कि छह जिला मुख्यालयों—जालंधर, मोहाली, बठिंडा, तरनतारन, फिरोजपुर और पटियाला—में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
25 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इन सत्रों में:
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एसडीएम
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ट्रैफिक एसपी/डीएसपी
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सिविल सर्जन
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आरटीओ
को केस दस्तावेजों की प्रक्रिया और अपलोडिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि मुआवजा तेजी से जारी किया जा सके।
इन प्रशिक्षणों में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अवॉर्ड विजेता हरप्रीत सिंह और विभिन्न सड़क सुरक्षा संगठनों का सहयोग रहेगा।
एनजीओ के साथ मिलकर चलेंगे सहायता कैंप
लीड एजेंसी के संयुक्त निदेशक परमजीत सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद मयंक फाउंडेशन, मुक्तसर वेलफेयर क्लब और अवॉइड एक्सीडेंट जैसे एनजीओ की मदद से राज्यभर में सहायता कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में पीड़ित परिवारों को मौके पर ही दस्तावेज पूरे करने में मदद दी जाएगी, जिससे मुआवजा तेजी से मिल सके।
सरकार की संवेदनशील और समन्वित पहल
पंजाब सरकार की यह पहल न सिर्फ सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूती देती है, बल्कि सड़क हादसा पीड़ितों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने की दिशा में भी अहम कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि मुआवजा प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर राहत मिल सके।
