पंजाब सरकार ने अपने कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और राहत देने वाला फैसला लिया है। सरकार ने कहा है कि अब न्यू पेंशन स्कीम (NPS) के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को पारिवारिक या दिव्यांगता पेंशन पाने के लिए कोई अलग से विकल्प नहीं चुनना पड़ेगा।
पहले क्या था नियम?
पहले ये नियम था कि अगर कोई कर्मचारी सेवा के दौरान दिव्यांग हो जाए या उसकी मृत्यु हो जाए, तो उसके परिवार को पारिवारिक पेंशन तभी मिलती थी जब उस कर्मचारी ने पहले से यह विकल्प चुना हो। बहुत सारे कर्मचारी इस नियम से अनजान थे या समय पर विकल्प नहीं चुन सके, जिससे उनके परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
परिवारों के लिए बनी बड़ी परेशानी
सरकार के अनुसार, इस शर्त ने कई परिवारों के लिए परेशानी पैदा कर दी थी, विशेष रूप से उन मामलों में जहां कर्मचारी की अचानक मृत्यु हो गई और परिजन इस प्रक्रिया से अनजान थे या वे निर्धारित समय में विकल्प नहीं चुन सके। ऐसे में परिवार पेंशन जैसे अहम लाभ से वंचित रह जाते थे।
वित्त विभाग ने हटाई विकल्प शर्त
इस समस्या को हल करते हुए वित्त विभाग ने 27 जून 2025 को आधिकारिक रूप से ‘शर्त संख्या 6’ को समाप्त कर दिया है। इसका मतलब है कि अब NPS के अधीन आने वाले सभी कर्मचारी, जिन्होंने औपचारिक रूप से कोई विकल्प नहीं चुना, वे भी इस अतिरिक्त राहत के पात्र माने जाएंगे।
अब बोर्ड, निगम और स्वायत्त संस्थाओं पर भी होगा लागू
यह फैसला पहले केवल पंजाब सरकार के अधीन आने वाले NPS कर्मचारियों पर लागू था, लेकिन अब इसे राज्य सरकार के अधीन आने वाले बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और स्वायत्त निकायों (SABs) तक भी विस्तारित कर दिया गया है। इसका लाभ इन सभी संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मिलेगा।
पंजाब सरकार का यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों को राहत देगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि सेवा के दौरान किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सके।
