दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। सवाल उठ रहा था कि कहीं वायरस का कोई नया और ज्यादा तेजी से फैलने वाला स्ट्रेन तो सामने नहीं आया। ICMR ने साफ किया है कि भारत में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं मिला है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
2025 से ही फैल रहा है मौजूदा वायरस
ICMR वैज्ञानिकों के मुताबिक भारत में इस समय जो Influenza A (H1N1)pdm09 वायरस फैल रहा है, वह 2025 से ही सर्कुलेशन में है। वैज्ञानिकों ने बताया कि मौजूदा वायरस उत्तरी गोलार्ध के लिए सुझाए गए फ्लू वैक्सीन स्ट्रेन से भी अच्छी तरह मेल खाता है। इसका मतलब यह है कि इसे किसी नए या असामान्य वायरस के रूप में नहीं देखा जा रहा है।
दिल्ली में तेजी से बढ़े मामले
हालांकि नया स्ट्रेन नहीं है, लेकिन इस साल H1N1 के मामलों में बढ़ोतरी जरूर हुई है। दिल्ली में 20 अगस्त तक 1,777 H1N1 मामले दर्ज किए गए थे। अकेले 20 अगस्त को 114 नए मामले सामने आए। इससे H1N1 इस साल दिल्ली में Influenza A का प्रमुख सब-टाइप बन गया है।
बदलता मौसम भी बन रहा वजह
डॉक्टरों के मुताबिक बारिश, उमस और मौसम में लगातार बदलाव के दौरान सांस से जुड़ी बीमारियों का प्रसार बढ़ सकता है। ऐसे मौसम में लोग ज्यादा समय बंद कमरों में बिताते हैं। अगर कमरे में हवा का पर्याप्त वेंटिलेशन न हो और कोई संक्रमित व्यक्ति मौजूद हो, तो वायरस दूसरे लोगों तक आसानी से पहुंच सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?
ICMR के अनुसार मौसमी फ्लू, जिसमें H1N1 भी शामिल है, ज्यादातर मामलों में अपने आप ठीक हो सकता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं। लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में जटिलताओं का खतरा ज्यादा हो सकता है।
बचाव के लिए छोटी सावधानी जरूरी
फ्लू जैसे लक्षण होने पर आराम करना, हाथों की सफाई रखना और संक्रमण फैलने से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। लक्षण गंभीर हों या लगातार बने रहें तो डॉक्टर से समय पर सलाह लेना बेहतर है। ICMR ने भी स्थिति पर नियमित निगरानी जारी रखने की बात कही है।
