पंजाब सरकार की ‘बिल लाओ, इनाम पाओ’ योजना लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना का उद्देश्य आम नागरिकों को जागरूक बनाकर टैक्स चोरी पर रोक लगाना है। लोग अब खरीदारी के बाद बिल लेने के लिए पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं, जिससे सरकार को भी फायदा मिल रहा है।
882 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने बताया कि इस योजना के तहत अब तक 882 ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान की गई है, जो टैक्स चोरी में शामिल थे। इनमें खास तौर पर फूड और बेवरेज से जुड़े कारोबार शामिल हैं। यह कार्रवाई दर्शाती है कि सरकार की निगरानी अब पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है।
टर्नओवर छिपाने के मामले सामने आए
जांच के दौरान 239 मामलों में कारोबारियों द्वारा टर्नओवर छिपाने की गड़बड़ी पाई गई। इसका मतलब है कि कई दुकानदार अपनी असली कमाई को छुपाकर कम टैक्स देने की कोशिश कर रहे थे। इस योजना ने ऐसे मामलों को उजागर करने में अहम भूमिका निभाई है।
सरकार को हुई करोड़ों की वसूली
सरकार ने इन मामलों में अब तक करीब ₹2.2 करोड़ की वसूली कर ली है। यह राशि दिखाती है कि योजना केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकार को वास्तविक आर्थिक लाभ भी मिल रहा है।
जनभागीदारी बनी सबसे बड़ी ताकत
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें आम जनता की भागीदारी सबसे अहम भूमिका निभा रही है। लोग खुद आगे आकर बिल मांग रहे हैं और गलत काम करने वालों को बेनकाब कर रहे हैं, जिससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ रही है।
