पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को जमीन स्तर तक पहुँचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी तैनाती की है। विभाग की 150 से अधिक टीमों ने 10 दिनों में लगभग 1.51 लाख प्रभावित लोगों तक पहुंच बनाने और उन्हें जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का रोडमैप तैयार किया है। अब तक किए गए सर्वे में 50 हजार लोगों की जांच की गई है, जिनमें से करीब 3,000 लोग वायरल बुखार और त्वचा रोग जैसी समस्याओं से प्रभावित पाए गए हैं।
सिविल सर्जन की सीधी निगरानी में राहत कार्य
सिविल सर्जन डॉ. स्वर्णजीत धवन खुद फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। वे अधिकारियों और कर्मचारियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं और प्रभावित लोगों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अजनाला और रामदास क्षेत्र के 198 गांव प्रभावित हुए हैं, जिनकी आबादी करीब 2.20 लाख है।
फील्ड टीमें और मेडिकल कैंप सक्रिय
प्रभावित क्षेत्रों में पानी तो उतर गया है, लेकिन डेंगू, मलेरिया और अन्य पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बरकरार है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने 150 टीमों को तैनात कर लोगों के घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच और जागरूकता अभियान चलाया है। साथ ही 16 चौबीस घंटे चलने वाले मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें करीब 250 विशेषज्ञ डॉक्टर और 1,000 कर्मचारियों ने लगातार राहत कार्य किया।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की विशेष देखभाल
गुरु नानक देव अस्पताल के अंतर्गत चलने वाले बेबे नानकी मदर एंड चाइल्ड केयर हेल्थ सेंटर ने प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. करमजीत सिंह के अनुसार, 26 गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें 11 का सीजेरियन और 15 का सामान्य प्रसव किया गया।
सांप के डंसने से हुई मौतों पर सतर्कता
बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक 23 सांप के डंसने के मामले सामने आए हैं। अजनाला और जिला तरनतारन के दो किशोरों की मौत भी इसी कारण हुई। अस्पताल और फील्ड टीमें लगातार लोगों को सतर्क कर रही हैं और समय पर इलाज सुनिश्चित कर रही हैं।
अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना
सरकारी अस्पताल अजनाला के वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी डॉ. शालू अग्रवाल ने दिन-रात मेहनत कर राहत कार्यों को सुचारू रूप से चलाया। उन्होंने अस्पताल स्टाफ और फील्ड टीमों को निर्देशित कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम योगदान दिया। प्रभावित इलाकों के लोग इस समर्पण और प्रयास की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं।
पंजाब स्वास्थ्य विभाग की यह मुस्तैदी और संगठित प्रयास बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संकट को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। फील्ड टीमें, मेडिकल कैंप और अधिकारियों की सक्रिय निगरानी ने लोगों को राहत और सुरक्षित जीवन की उम्मीद दी है।
