मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नागरिकों की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने चंडीगढ़ में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने खाद्य पदार्थों में मिलावट, डेंगू की रोकथाम, दिल के दौरे से मौत और अन्य स्वास्थ्य संबंधित प्रयासों की जानकारी साझा की।
मिलावटखोरी पर सख्ती: पनीर और घी में गंभीर गड़बड़ी
डॉ. बलबीर सिंह ने सबसे पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट के बढ़ते मामलों को उठाया। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन देना है। हाल ही में लिए गए पनीर के 196 सैंपलों में से 59 सैंपल फेल हुए हैं, यानी करीब 30% नमूने मिलावटी पाए गए। इसी तरह घी के 222 सैंपलों में 20 मिलावटी और 28 “अनसेफ” घोषित किए गए।
“घर पर बनाएं घी” मंत्री ने दी सलाह
स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपील की कि वे बाजार से घी खरीदने की बजाय घर पर देसी घी बनाएं। इससे न केवल परिवार की सेहत सुरक्षित रहेगी बल्कि पारंपरिक खानपान भी संरक्षित होगा।
दूध में मिलावट, लेकिन फिलहाल खतरे से बाहर
डॉ. बलबीर सिंह ने यह भी स्वीकार किया कि दूध में मिलावट की बात सामने आई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह मिलावट जानलेवा या गंभीर स्तर की नहीं है, लेकिन सरकार इस पर नजर बनाए हुए है और नियमित जांच जारी है।
मिलावट करने वालों पर लगातार कार्रवाई
पिछले 5 सालों में 145 लोगों को मिलावट के मामलों में सजा और जुर्माना दिलवाया गया है। अब तक 5216 सैंपल लिए जा चुके हैं, जो कि सरकार की सक्रियता को दर्शाता है। इसके साथ-साथ लोगों को जागरूक करने के लिए मोबाइल वैन के ज़रिए सैंपल टेस्टिंग अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
हार्ट अटैक से मौत पर नियंत्रण के लिए नई योजना
स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार जल्द ही हार्ट अटैक से अचानक होने वाली मौतों को रोकने के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू करेगी। इस योजना के तहत समय रहते पहचान, प्राथमिक इलाज और जनजागरूकता पर ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है।
डेंगू के खिलाफ सख्त रणनीति, मौत का आंकड़ा शून्य
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि 2024 में डेंगू के मामलों में 50% की गिरावट दर्ज की गई थी। इस वर्ष 2025 में अब तक 70% मामलों में कमी आई है, जो कि सरकार की समयबद्ध रणनीति, जागरूकता अभियान और फॉगिंग व लार्वा सर्वे जैसे उपायों का नतीजा है।
सबसे राहत की बात यह है कि 2025 में डेंगू से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है। मंत्री ने बताया कि जैसे ही किसी इलाके में एक केस आता है, वहां पूरे क्षेत्र में सफाई और कीटनाशक स्प्रे किया जाता है।
सरकार की प्रतिबद्धता साफ
डॉ. बलबीर सिंह ने अंत में दोहराया कि पंजाब सरकार जनस्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में और भी योजनाएं शुरू की जाएंगी, ताकि प्रदेश को सेहत के मामले में आदर्श राज्य बनाया जा सके।
