पंजाब में रावी नदी में आई भीषण बाढ़ का असर न केवल भारत के कई गांवों और कस्बों पर पड़ा है, बल्कि इसकी मार पाकिस्तान में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब तक पहुंच गई है। सरहद पार से मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ का पानी गुरुद्वारे के अंदर तक घुस गया है। बताया जा रहा है कि परिसर में लगभग 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे वहां की सभी धार्मिक गतिविधियाँ अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।
गुरुद्वारा करतारपुर साहिब, सिखों के लिए दुनिया भर में आस्था का सबसे अहम केंद्र माना जाता है। हर रोज़ यहां देश-विदेश से श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं। लेकिन इस बार रावी नदी के तेज बहाव ने यहां की शांति को भी प्रभावित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, बीती रात नदी के उफान की वजह से धुसी बांध कई जगहों पर टूट गया, जिससे पानी तेज़ी से गांवों और खेतों के अलावा गुरुद्वारे तक पहुंच गया। नतीजा यह हुआ कि गुरुद्वारे की मुख्य इमारत, लंगर हाल, जोड़ा घर और प्रदर्शनी हॉल तक पानी भर गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो नुकसान और ज्यादा हो सकता है। हालांकि प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन लगातार हालात पर नज़र बनाए हुए हैं और श्रद्धालुओं को फिलहाल दूर रहने की अपील की गई है।
यह बाढ़ एक बार फिर साबित करती है कि प्राकृतिक आपदाओं का असर किसी सीमा को नहीं मानता। भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ के लोग इस तबाही का सामना कर रहे हैं। करतारपुर साहिब जैसे पवित्र स्थल पर पानी भरना सिख श्रद्धालुओं के लिए दुखद खबर है। अब सभी की नज़रें इस पर हैं कि हालात कब तक सामान्य होंगे और गुरुद्वारे में धार्मिक गतिविधियाँ फिर से शुरू की जा सकेंगी।
