भारत ने ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर एक बेहद रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को 6 रन से हराकर टेस्ट क्रिकेट में अपनी अब तक की सबसे करीबी जीत दर्ज की। मैच के पांचवें दिन इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ 35 रन बनाने थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के सामने अंग्रेजी टीम महज 28 रन ही जोड़ सकी और मुकाबला हार गई।
एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 से बराबर पर खत्म
इस जीत के साथ भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2-2 से ड्रॉ पर समाप्त हुई। यह ओवल मैदान पर भारत की तीसरी टेस्ट जीत है। इससे पहले 1971 में अजीत वाडेकर और 2021 में विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने यहां फतह हासिल की थी। अब शुभमन गिल भी इस लिस्ट में शामिल हो गए हैं।
ब्रूक और रूट की साझेदारी ने बढ़ाई थी भारत की मुश्किलें
इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 106 रनों पर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन हैरी ब्रूक और जो रूट ने 195 रनों की अहम साझेदारी कर मुकाबले को पलटने की पूरी कोशिश की। रूट ने 105 और ब्रूक ने 111 रन की शानदार पारियां खेलीं, लेकिन भारत ने वापसी करते हुए अंतिम समय में इंग्लिश बल्लेबाजों को लगातार आउट कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
भारत की टेस्ट इतिहास में सबसे कम अंतर से जीत
यह जीत भारत के टेस्ट इतिहास की सबसे कम रनों से दर्ज जीत बन गई है। इससे पहले भारत ने 2004 में ऑस्ट्रेलिया को 13 रन से हराया था। वहीं 1972 में इंग्लैंड के खिलाफ 28 रन से जीत मिली थी। इस बार का अंतर सिर्फ 6 रन रहा, जो भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जोड़ता है।
पहली पारी में पिछड़ने के बाद भारत की जबरदस्त वापसी
बारिश से प्रभावित मैच में भारत की पहली पारी सिर्फ 224 रनों पर सिमट गई थी। जवाब में इंग्लैंड ने 92 रन की ओपनिंग साझेदारी के साथ अच्छी शुरुआत की, लेकिन इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते गए और पूरी टीम 247 पर ढेर हो गई। इंग्लैंड को 23 रनों की बढ़त मिली थी।
जायसवाल और आकाशदीप की साझेदारी ने संभाली पारी
दूसरी पारी में भारत ने जबरदस्त वापसी की। यशस्वी जायसवाल ने 118 रनों की शतकीय पारी खेली, जबकि आकाशदीप ने उनका साथ निभाते हुए 66 रन बनाए। दोनों के बीच 107 रनों की साझेदारी हुई। भारत की दूसरी पारी 396 रनों पर खत्म हुई और इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रनों का लक्ष्य मिला।
सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा बने जीत के हीरो
भारत की इस जीत में तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने निर्णायक भूमिका निभाई। दोनों ने पहली पारी में 4-4 विकेट झटके। दूसरी पारी में सिराज ने 5 और कृष्णा ने 4 विकेट लिए। दोनों मिलकर पूरे मैच में कुल 17 विकेट लेने में सफल रहे और भारत को जीत दिलाई।
कप्तान शुभमन गिल के नेतृत्व में ऐतिहासिक उपलब्धि
इस जीत के साथ शुभमन गिल ओवल में टेस्ट जीतने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि अजीत वाडेकर (1971) और विराट कोहली (2021) को मिली थी। गिल के नेतृत्व में टीम इंडिया ने यह रोमांचक टेस्ट जीतकर न केवल ट्रॉफी को बराबरी पर समाप्त किया, बल्कि क्रिकेट प्रशंसकों को भी यादगार लम्हा दिया।
