1 जून से देशभर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों की नई दरें लागू होने के बाद होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बढ़ गया है। हालांकि घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई दरों के अनुसार दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद राजधानी में एक सिलेंडर की कीमत 3113.50 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं कोलकाता में कीमत 53.50 रुपये बढ़ी है, जबकि मुंबई और चेन्नई में भी कमर्शियल सिलेंडर पहले के मुकाबले अधिक महंगे हो गए हैं।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन कारोबारों पर पड़ सकता है जो रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं। रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानें, कैटरिंग सेवाएं और छोटे खाद्य व्यवसाय कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में संचालन लागत बढ़ने से बाजार में कई सेवाओं और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है।
जानकारी के अनुसार हाल के महीनों में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मई महीने में भी कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में बड़ी वृद्धि हुई थी। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और ईंधन आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंताओं को इसके प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है। कई रिपोर्टों में पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और आपूर्ति सुरक्षा को भी कीमतों पर असर डालने वाला कारक बताया गया है।
दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की खबर है। 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम जून महीने की शुरुआत में स्थिर रखे गए हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में घरेलू गैस की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। मार्च में हुई बढ़ोतरी के बाद से घरेलू सिलेंडर की दरें लगभग समान बनी हुई हैं।
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत जून महीने की नई दरें जारी की गई हैं। कमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने से व्यापारिक क्षेत्र की लागत बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है, जबकि घरेलू ग्राहकों को फिलहाल किसी अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
