पंजाब सरकार ने कैदियों के पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल में गुरुवार को दो नए आईटीआई डिप्लोमा कोर्स – बेकर एंड कन्फेक्शनर और वुडवर्क टेक्नीशियन का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पंजाब की प्रमुख जेल सचिव भावना गर्ग और जेल सचिव मुहम्मद तैयब ने किया।
कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
भावना गर्ग ने इस अवसर पर नामित कैदियों को समर्पण के साथ इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जेल कर्मचारियों को निर्देश दिया कि इन कोर्सों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सहयोग दिया जाए। उनका कहना था कि कैदियों को यदि सही दिशा और अवसर मिलते हैं तो वे समाज में वापसी के बाद बेहतर जीवन जी सकते हैं।
कारखानों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण
जेल सचिव मुहम्मद तैयब के साथ मिलकर भावना गर्ग ने जेल परिसर के कारखानों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंदर चल रही उत्पादन प्रक्रियाओं की समीक्षा की और दक्षता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा, जेल अस्पताल और वार्डों का दौरा भी किया गया। उन्होंने चिकित्सकों और स्टाफ को ज़रूरी सुधार करने और कैदियों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
कैदियों की प्रतिभा का प्रदर्शन
इस मौके पर जेल के गतिविधि कक्ष में कैदियों ने अपनी प्रतिभा का भी परिचय दिया। एक छोटे से सांगीतिक कार्यक्रम में कैदियों ने गीत प्रस्तुत किए, जिसे देखकर अधिकारियों ने उनकी सराहना की। भावना गर्ग ने कैदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना।
महिला कैदियों के लिए विशेष कोर्स
महिला जेल में भी एक नई पहल की गई। यहाँ महिला कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ब्यूटी एंड कॉस्मेटोलॉजी और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। भावना गर्ग ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य है कि राज्य की विभिन्न जेलों में करीब 2,500 कैदियों को कौशल विकास से जोड़ा जाए, ताकि उनकी रिहाई के बाद उन्हें रोजगार पाने में आसानी हो।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर जेल अधीक्षक कुलवंत सिंह सिद्धू, महिला जेल अधीक्षक दलवीर सिंह काहलों, आईटीआई के प्रिंसिपल बलजिंदर सिंह, डीआईजी जेल दलजीत सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
पुनर्वास की दिशा में कदम
जेल विभाग का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम कैदियों को सकारात्मक ऊर्जा देने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का माध्यम बनेंगे। प्रमुख सचिव ने जेल स्टाफ की मेहनत की सराहना की और विभागीय सुधारों के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की अपील की।
