हाल के महीनों में सोना और चांदी निवेशकों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। कई एक्सपर्ट्स ने इन्हें सुरक्षित निवेश बताते हुए लोगों को गोल्ड और सिल्वर ETF में पैसा लगाने की सलाह दी। इसी के चलते कई निवेशकों ने अपने शेयर बाजार और फिक्स्ड डिपॉजिट से पैसा निकालकर इन ETF में निवेश किया। लेकिन अब हालात बदल गए हैं और निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
निवेशकों को हुआ भारी नुकसान
जनवरी में जिन निवेशकों ने गोल्ड और सिल्वर ETF खरीदे थे, वे अब नुकसान में हैं। इन ETF की कीमतों में भारी गिरावट आई है। कुछ सिल्वर ETF तो करीब 40% तक टूट चुके हैं, जबकि गोल्ड ETF में भी लगभग 15% तक की गिरावट देखी गई है। निवेशकों को उम्मीद थी कि वैश्विक तनाव के कारण सोना-चांदी महंगे होंगे, लेकिन इसके उलट कीमतें नीचे आ गईं।
गिरावट की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे पहला कारण है अमेरिकी डॉलर की मजबूती। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ा है। ऐसे समय में निवेशक सोने-चांदी की बजाय डॉलर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं।
दूसरा बड़ा कारण यह है कि अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने-चांदी जैसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा ETF में लगातार बिकवाली भी गिरावट का कारण बनी है।
रिकॉर्ड हाई से काफी नीचे कीमतें
अगर कीमतों की बात करें तो सिल्वर ETF में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई है। उदाहरण के तौर पर, निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF करीब 40% गिर चुका है। वहीं गोल्ड ETF भी अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग 15% नीचे आ गया है। MCX पर भी सोना और चांदी अपने उच्च स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं। चांदी अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 1.68 लाख रुपये और सोना करीब 38 हजार रुपये सस्ता हो चुका है।
आगे क्या हो सकता है?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोना-चांदी की दिशा पूरी तरह वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था कमजोर होती है या मंदी के संकेत मिलते हैं, तो सोना-चांदी की कीमतों में तेजी आ सकती है। लेकिन अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत रहती है, तो इनकी कीमतों में और गिरावट संभव है।
निवेशकों के लिए सबक
इस पूरी स्थिति से यह साफ है कि किसी भी निवेश में बिना पूरी जानकारी और जोखिम समझे पैसा लगाना नुकसानदायक हो सकता है। सोना-चांदी को हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन बाजार के हालात बदलते रहते हैं। इसलिए निवेश करते समय संतुलन और समझदारी जरूरी है।
