चंडीगढ़ में अब ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना ठोस कारण के किसी भी वाहन को नहीं रोक सकेंगे। सोमवार को एक अहम बैठक के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा यह निर्देश जारी किया गया कि ट्रैफिक लाइट पॉइंट्स और चौकों पर तैनात जवान केवल यातायात को नियंत्रित करेंगे, न कि किसी वाहन को रोकेंगे या चालान करेंगे। यदि किसी जवान ने नियमों की अनदेखी की, तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मीटिंग के बाद फोर्स को दिए गए कड़े दिशा-निर्देश
डीजीपी सागर प्रीत हुड्डा ने सोमवार शाम सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद ट्रैफिक विंग में मैसेज फ्लैश कर दिया गया कि अब कोई भी ट्रैफिक पुलिसकर्मी बिना कारण वाहन नहीं रोकेगा। यह फैसला हाल ही में ट्रैफिक पुलिस पर लगे आरोपों के बाद लिया गया।
दूसरे राज्यों की गाड़ियों से अवैध वसूली के आरोप
ट्रैफिक विंग के कुछ जवानों पर पंजाब और हरियाणा से आने वाली गाड़ियों को रोककर अवैध वसूली करने के आरोप लगे थे। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें जवान 500 रुपए की रिश्वत लेते हुए नजर आए। एक कॉन्स्टेबल को रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद सस्पेंड कर दिया गया और उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई।
चौराहों की पोस्टिंग पर चलती थी बोली
सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ में ट्रैफिक लाइट पॉइंट्स और एंट्री पॉइंट्स पर ड्यूटी पाने के लिए बोली लगाई जाती थी। इन पॉइंट्स की “कीमत” लाखों में होती थी और इस पूरे नेटवर्क को मुंशी स्टाफ नियंत्रित करता था। मामले के सामने आने के बाद संबंधित मुंशी का ट्रांसफर कर दिया गया है।
अब चालान कैमरे से, पुलिसकर्मी नहीं करेंगे हस्तक्षेप
शहर में 2130 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 1433 कैमरे चंडीगढ़ पुलिस के हैं। 40 प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों पर लगे 1015 ITMS (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों में से 159 रेड लाइट जंपिंग पकड़ने के लिए हैं। अब चालान इन्हीं कैमरों के माध्यम से होंगे।
क्यू डिटेक्शन सिस्टम से स्मार्ट तरीके से नियंत्रित होगा ट्रैफिक
चंडीगढ़ पुलिस ने 163 ऑटोमैटिक क्यू डिटेक्शन सिस्टम शहर के 40 मुख्य ट्रैफिक पॉइंट्स पर लगाए हैं। यह सिस्टम वाहनों की संख्या के अनुसार ट्रैफिक लाइट्स की टाइमिंग तय करता है, जिससे जाम की समस्या को कम किया जा सके।इस फैसले से ट्रैफिक पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी और नागरिकों को अनावश्यक रोकटोक से राहत मिलेगी। साथ ही, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से ट्रैफिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी।
