देश में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी जेट फ्यूल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हुई है। 1 मई 2026 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में करीब 5% की बढ़ोतरी की गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब जेट फ्यूल महंगा हुआ है।
कितनी बढ़ी कीमत
नई दरों के अनुसार ATF की कीमत में करीब 76.55 डॉलर प्रति किलोलीटर की वृद्धि हुई है। इसके बाद दिल्ली में जेट फ्यूल की कीमत लगभग $1,511.86 प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है।
एयरलाइंस पर बढ़ता दबाव
जेट फ्यूल एयरलाइंस के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा होता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह खर्च 40% या उससे अधिक तक पहुंच सकता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
टिकट कीमतों पर असर संभव
विशेषज्ञों का मानना है कि ATF महंगा होने का सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ सकता है। पहले भी एयरलाइंस ने बढ़ती लागत के कारण फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
वैश्विक कारणों का असर
जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई में बाधा के कारण तेल महंगा हो रहा है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है।
घरेलू उड़ानों पर राहत
हालांकि, इस बार घरेलू उड़ानों के लिए ATF कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने पहले ही घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी को सीमित रखने के लिए कदम उठाए थे, ताकि यात्रियों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
आगे क्या हो सकता है
अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में एयरलाइंस को और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इससे हवाई यात्रा महंगी होने की संभावना भी बढ़ सकती है।
