मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली। बाजार में 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,000 रुपये महंगा होकर 1,00,020 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह बीते एक महीने में सोने का सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पहले 19 जून को सोने ने इसी स्तर को छुआ था।
वहीं, चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी आई। चांदी 3,000 रुपये की छलांग लगाकर 1,14,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोमवार को इसकी कीमत 1,11,000 रुपये प्रति किलो थी।
कीमतों में बढ़ोतरी की वजह क्या है?
विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक तनावों के कारण सोने और चांदी को समर्थन मिला है। निवेशक अब सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं।
हालांकि, मंगलवार को विदेशी बाजारों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका के कॅमेक्स (COMEX) बाजार में सोना 0.28% गिरकर 3,387.42 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.11% घटकर 38.89 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
क्या कह रहे हैं जानकार?
विश्लेषकों का कहना है कि अब बाजार की नजर अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के प्रमुख की स्पीच पर टिकी हुई है। इसके साथ ही अमेरिका और चीन के आर्थिक आंकड़ों पर भी निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है।
अगर फेड ब्याज दरों को लेकर नरम रुख दिखाता है या डॉलर कमजोर होता है, तो सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। दूसरी ओर, मजबूत आर्थिक आंकड़े और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना सोने को नीचे की ओर धकेल सकती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
जिन लोगों ने पहले से सोने में निवेश किया है, उनके लिए ये खबर फायदेमंद है। वहीं, जो लोग अभी निवेश करना चाहते हैं, उन्हें थोड़ा सतर्क रहना चाहिए क्योंकि कीमतें पहले ही उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले बाजार की दिशा और अंतरराष्ट्रीय संकेतों का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप लॉन्ग टर्म के लिए सोना लेना चाहते हैं, तो थोड़ी गिरावट का इंतजार करना समझदारी हो सकती है।
सोना और चांदी एक बार फिर चर्चा में हैं। घरेलू और वैश्विक कारणों से इनके दामों में तेज उछाल आया है। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक नीतियों पर इनकी दिशा तय होगी। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर कदम उठाना होगा।
