पंजाब में बिजली चोरी करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पावरकॉम नॉर्थ ज़ोन के चीफ इंजीनियर राजीव पराशर के निर्देश पर बिजली चोरी के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत जालंधर सर्कल की पांचों डिवीजनों में एक साथ जांच की गई, जिसमें 1000 से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन की जांच की गई और कुल मिलाकर 5.39 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कैसे चली मुहिम?
चीफ इंजीनियर के आदेश पर डिप्टी चीफ इंजीनियर और सर्कल हेड गुलशन चुटानी ने पांचों डिवीजनों में 25 टीमें तैनात कीं। इन टीमों में एक्सियन, एस.डी.ओ., जे.ई., लाइनमैन और फील्ड स्टाफ शामिल थे। हर टीम को कम से कम 40 कनेक्शनों की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
टीमों ने सुबह-सवेरे ही हॉटस्पॉट इलाकों में दबिश दी, जहां पहले भी बिजली चोरी के मामले सामने आ चुके थे।
कहां-कहां हुई कार्रवाई?
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ईस्ट डिवीजन में 325 कनेक्शन की जांच हुई। इसमें बिजली चोरी के 2 मामले, ओवरलोड का 1 मामला, और कुल 1.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई इंजीनियर जसपाल की अगुवाई में हुई।
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वेस्ट डिवीजन में 151 कनेक्शनों की जांच की गई, जिसमें 25 कनेक्शन अनियमित पाए गए। इस डिवीजन की अगुवाई इंजीनियर सनी भांगड़ा ने की।
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मॉडल टाउन डिवीजन ने 198 कनेक्शन की जांच की, जिसमें बिजली चोरी के 4 मामले और घरेलू बिजली के व्यावसायिक उपयोग के 8 मामले सामने आए। इस डिवीजन ने सबसे ज्यादा 2.93 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।
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कैंट और फगवाड़ा डिवीजन ने भी 185-185 कनेक्शनों की जांच की और संदिग्ध मामलों पर कार्रवाई की।
कुल आंकड़े क्या रहे?
इस पूरे अभियान में कुल:
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1044 कनेक्शनों की जांच की गई।
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बिजली चोरी के 6 केस,
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ओवरलोड के 37 केस, और
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अन्य गलत इस्तेमाल के 11 केस सामने आए।
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कुल 54 उपभोक्ताओं को दोषी पाया गया।
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5.39 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
क्या बोले अधिकारी?
चीफ इंजीनियर राजीव पराशर ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सर्कलों को नियमित जांच अभियान चलाने और हॉटस्पॉट क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
पावरकॉम की यह कार्रवाई एक स्पष्ट संकेत है कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ अब सख्ती से कदम उठाए जा रहे हैं। जनता से भी अपील की गई है कि कानून का पालन करें, बिजली का ईमानदारी से उपयोग करें, ताकि पूरे राज्य में बिजली व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
